thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 💡 मनचाही ▶️ YouTube
भारत

ईरान जंग पर घिरे राष्ट्रपति ट्रंप: ईरान से जंग पर घर में घिरे डोनाल्ड ट्रंप, न्यूयॉर्क मेयर ने 23 अरब डॉलर के खर्च पर उठाए सवाल, बोले- 'हर स्तर पर हो विरोध'

मानवेन्द्र जैतावत

न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी ने ईरान के साथ युद्ध पर ट्रंप प्रशासन की तीखी आलोचना की है। उन्होंने युद्ध पर खर्च हो रहे 23 अरब डॉलर को अमेरिकी जनता की जरूरतों के खिलाफ बताया है और गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है।

HIGHLIGHTS

  • न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी ने ईरान युद्ध पर ट्रंप प्रशासन की सैन्य नीतियों की कड़ी आलोचना की है।
  • मेयर के अनुसार अमेरिका अब तक इस युद्ध पर 23 बिलियन डॉलर खर्च कर चुका है जो जनता के काम आ सकते थे।
  • अमेरिका में घरेलू गैस की कीमतें 2022 के बाद पहली बार 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं।
  • ट्रंप ने आश्वासन दिया है कि ईरान से सैन्य अभियान समाप्त होते ही ईंधन की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी।
ny mayor zohran mamdani criticizes donald trump iran war costs

न्यूयॉर्क | मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव अब अमेरिकी राजनीति के केंद्र में आ गया है। 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले के बाद अमेरिका को घरेलू स्तर पर भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध नीतियों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा बोझ साबित हो रहा है।

मेयर ममदानी के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे इस संघर्ष पर अब तक 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने इस भारी-भरकम राशि को जनता के पैसे की बर्बादी करार दिया है।

ऐतिहासिक सामर्थ्य संकट और युद्ध का खर्च

अमेरिका इस समय एक गंभीर 'Affordability Crisis' यानी सामर्थ्य संकट से गुजर रहा है। ऐसे में युद्ध पर अरबों डॉलर लुटाना मेयर की नजर में तर्कहीन और अनुचित है।

ममदानी ने यूट्यूबर ब्रायन टायलर कोहेन के साथ एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि इस युद्ध का हर स्तर पर विरोध होना चाहिए। उनका मानना है कि वाशिंगटन की नीतियां हमेशा विनाशकारी रही हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार सैन्य खर्च को आम नागरिकों की जरूरतों से ऊपर क्यों रख रही है? यह पैसा स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाया जा सकता था।

जनता की जरूरतों की अनदेखी का आरोप

मेयर ने कहा, "यह वह पैसा है जो कामकाजी अमेरिकियों के जीवन को बदल सकता था।" उन्होंने मेडिकेयर में निवेश और शिक्षकों के लिए संसाधनों की कमी का विशेष रूप से उल्लेख किया।

उनके अनुसार, छात्र ऋण (Student Loan) को समाप्त करना देश की एक बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए थी। लेकिन सरकार ने जनहित के बजाय युद्ध को प्राथमिकता देना बेहतर समझा है।

ममदानी ने आगाह किया कि सत्ता परिवर्तन के लिए किए गए अमेरिकी हस्तक्षेपों का इतिहास बहुत बुरा रहा है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन को पिछली गलतियों से सीखने की सलाह दी है।

गैस की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल से जनता परेशान

युद्ध का सबसे सीधा और कड़वा असर अमेरिकी जनता की जेब पर पड़ा है। 2022 के बाद पहली बार घरेलू गैस की कीमतें 4 डॉलर प्रति गैलन के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट पर सफाई देते हुए ओवल ऑफिस से बयान जारी किया है। उन्होंने वादा किया है कि युद्ध समाप्त होते ही कीमतें तेजी से नीचे आएंगी।

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "मुझे बस ईरान से निकलना है, और हम बहुत जल्द ऐसा करेंगे।" उन्होंने संघर्ष की समाप्ति को आर्थिक राहत से जोड़कर पेश करने की कोशिश की है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ता कूटनीतिक दबाव

युद्ध लंबा खिंचने के कारण नाटो जैसे प्रमुख सहयोगी देश भी अब अमेरिका से दूरी बना रहे हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट ने कई देशों को शांति वार्ता की मांग करने पर मजबूर कर दिया है।

ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी जहाजों के लिए बंद रखेगा। इससे वैश्विक सप्लाई चेन और तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

मेयर ममदानी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मोर्चों पर शांति स्थापित करने के लिए भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

निष्कर्ष: बंटा हुआ अमेरिकी समाज

कुल मिलाकर, ईरान के साथ यह जंग अब केवल सैन्य सीमाओं तक सीमित नहीं रही है। इसने अमेरिकी समाज और राजनीति को दो स्पष्ट हिस्सों में विभाजित कर दिया है।

एक तरफ राष्ट्रपति ट्रंप सैन्य कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मेयर ममदानी जैसे नेता इसे घरेलू बर्बादी और आर्थिक दिवालियापन का रास्ता मान रहे हैं।

आने वाले दिनों में यदि युद्ध समाप्त नहीं होता है, तो ट्रंप प्रशासन को सड़कों पर उतरते आम नागरिकों और बढ़ती महंगाई के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें