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राज्य

पचपदरा: रिफाइनरी आग पीएम मोदी के सभा स्थल तक पहुंची जांच

बलजीत सिंह शेखावत

पचपदरा रिफाइनरी की आग के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, पीएम के प्रस्तावित सभा स्थल को किया गया सील।

HIGHLIGHTS

  • पचपदरा रिफाइनरी की सीयूडी यूनिट में लगी आग के बाद पूरे परिसर को सील कर दिया गया है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित लोकार्पण समारोह स्थल को भी जांच के दायरे में लिया गया।
  • एडीजी विजिलेंस बीजू जॉर्ज जोसफ ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
  • सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) का गठन कर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।
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बालोतरा | राजस्थान के सपनों के प्रोजेक्ट पचपदरा रिफाइनरी की सीयूडी यूनिट में लगी भीषण आग ने अब एक गंभीर सुरक्षा संकट का रूप ले लिया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच की आंच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित लोकार्पण समारोह स्थल तक पहुंच गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने पीएम के प्रस्तावित सभा स्थल और वहां बनाए गए विशाल डोम को अपनी रडार पर ले लिया है। प्रशासन ने लोकार्पण समारोह के लिए तैयार किए गए अस्थायी ढांचों को हटाने के कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा पहरा

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां इसे केवल एक तकनीकी खराबी नहीं मान रही हैं। सभा स्थल को जांच के दायरे में शामिल करना यह संकेत देता है कि इसके पीछे किसी 'बाहरी हस्तक्षेप' के साक्ष्य तलाशे जा रहे हैं। गुरुवार को पुलिस कार्मिक विभाग के एडीजी (विजिलेंस) बीजू जॉर्ज जोसफ खुद ग्राउंड जीरो पर पहुँचे। उनके साथ जोधपुर रेंज के आईजी सत्येंद्र सिंह और बालोतरा एसपी रमेश कुमार ने घटनास्थल का घंटों बारीकी से मुआयना किया।

खुफिया एजेंसियों की एंट्री

राज्य विजिलेंस के साथ-साथ भारतीय खुफिया एजेंसियां भी समानांतर रूप से इस पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं। गृह विभाग के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है जो राजनीतिक और रणनीतिक पहलुओं की जांच करेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले ही इस घटना पर दुख जता चुके हैं और अब प्रशासन की प्राथमिकता साक्ष्यों को सुरक्षित रखना है। विशेषज्ञों का मानना है कि डोम हटाने के दौरान कोई महत्वपूर्ण सुराग नष्ट न हो जाए, इसीलिए पंडाल क्षेत्र को सील किया गया है।

"घटनास्थल को पूरी तरह से 'नो-एंट्री जोन' बना दिया गया है ताकि तकनीकी और सुरक्षा साक्ष्य सुरक्षित रहें।"

रिफाइनरी के इंजीनियरों और सुरक्षा ऑडिट टीम से भी लंबी पूछताछ की जा रही है। यह जांच तय करेगी कि आग लगने का समय और स्थान महज इत्तेफाक था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है। पचपदरा का यह प्रोजेक्ट राजस्थान के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है और सुरक्षा घेरा और कड़ा किया जा सकता है।

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