राजस्थान

ड्रोन से 'नार्को-टेरर': पाक से ड्रोन तस्करी: 7 माह में 304 करोड़ की हेरोइन भेजी

बलजीत सिंह शेखावत · 03 अगस्त 2026, 11:08 दोपहर
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी बढ़ गई है। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में लगभग 304 करोड़ रुपये की हेरोइन भारतीय सीमा में भेजी गई।

बीकानेर |

पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए नशे और हथियारों की तस्करी सीमावर्ती इलाकों के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बन गई है। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में ही भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के माध्यम से 69 किलो 808 ग्राम हेरोइन भारतीय सीमा में पहुंचाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 304 करोड़ रुपए है।

तस्करी का फैलता नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क अब श्रीगंगानगर जिले के करणपुर, रायसिंहनगर, रावला, हिन्दूमलकोट, केसरीसिंहपुर, जैतसर और बीकानेर के खाजूवाला तक सक्रिय हो चुका है।

तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ड्रोन के जरिए खेतों में हेरोइन और हथियार गिराते हैं। इन खेपों को स्थानीय संपर्कों की मदद से आगे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जाता है।

पुलिस, बीएसएफ, एनसीबी और सीआईडी की संयुक्त जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ ग्रामीण युवाओं को पैसों का लालच देकर इस काम में शामिल किया जा रहा था।

'नार्को-टेरर' का नया खतरा

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन से हेरोइन के साथ विदेशी हथियार भेजना केवल तस्करी नहीं है। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठित अपराध को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करना भी है।

इसी वजह से ड्रोन आधारित तस्करी को अब 'नार्को-टेरर' के एक नए स्वरूप के तौर पर देखा जा रहा है।

सुरक्षा उपाय और एजेंसियों की चिंता

ड्रोन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम, ड्रोन रडार और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को मजबूत किया जा रहा है, ताकि सीमा पार से होने वाली ड्रोन ड्रॉपिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

हाल ही में दो मामलों ने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल में पूगल क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद स्कूटी से 14 किलो हेरोइन मिली थी। अब खाजूवाला में 10 किलो हेरोइन और विदेशी हथियारों की बरामदगी ने इस नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

इस साल ड्रोन ड्रॉपिंग की प्रमुख घटनाएं

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