thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

ड्रोन से 'नार्को-टेरर': पाक से ड्रोन तस्करी: 7 माह में 304 करोड़ की हेरोइन भेजी

बलजीत सिंह शेखावत

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी बढ़ गई है। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में लगभग 304 करोड़ रुपये की हेरोइन भारतीय सीमा में भेजी गई।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • 2026 के पहले 7 महीनों में ड्रोन से 304 करोड़ की हेरोइन तस्करी।
  • खाजूवाला में 10 किलो हेरोइन, 11 विदेशी पिस्टल और 100 कारतूस बरामद।
  • श्रीगंगानगर और बीकानेर के सीमावर्ती इलाकों में तस्करों का नेटवर्क सक्रिय।
  • सुरक्षा एजेंसियां इसे 'नार्को-टेरर' के नए स्वरूप के रूप में देख रही हैं।
pakistan drone smuggling heroin weapons seized in bikaner border areas

बीकानेर |

पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए नशे और हथियारों की तस्करी सीमावर्ती इलाकों के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बन गई है। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में ही भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के माध्यम से 69 किलो 808 ग्राम हेरोइन भारतीय सीमा में पहुंचाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 304 करोड़ रुपए है।

तस्करी का फैलता नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क अब श्रीगंगानगर जिले के करणपुर, रायसिंहनगर, रावला, हिन्दूमलकोट, केसरीसिंहपुर, जैतसर और बीकानेर के खाजूवाला तक सक्रिय हो चुका है।

तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ड्रोन के जरिए खेतों में हेरोइन और हथियार गिराते हैं। इन खेपों को स्थानीय संपर्कों की मदद से आगे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जाता है।

पुलिस, बीएसएफ, एनसीबी और सीआईडी की संयुक्त जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ ग्रामीण युवाओं को पैसों का लालच देकर इस काम में शामिल किया जा रहा था।

'नार्को-टेरर' का नया खतरा

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन से हेरोइन के साथ विदेशी हथियार भेजना केवल तस्करी नहीं है। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठित अपराध को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करना भी है।

इसी वजह से ड्रोन आधारित तस्करी को अब 'नार्को-टेरर' के एक नए स्वरूप के तौर पर देखा जा रहा है।

सुरक्षा उपाय और एजेंसियों की चिंता

ड्रोन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम, ड्रोन रडार और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को मजबूत किया जा रहा है, ताकि सीमा पार से होने वाली ड्रोन ड्रॉपिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

हाल ही में दो मामलों ने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल में पूगल क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद स्कूटी से 14 किलो हेरोइन मिली थी। अब खाजूवाला में 10 किलो हेरोइन और विदेशी हथियारों की बरामदगी ने इस नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

इस साल ड्रोन ड्रॉपिंग की प्रमुख घटनाएं

  • 9 जनवरी: खाजूवाला से 500 ग्राम हेरोइन
  • 10 जनवरी: अनूपगढ़ से 4.008 किलो हेरोइन, 3 गिरफ्तार
  • 11 फरवरी: खाजूवाला से 2.25 किलो हेरोइन
  • 26 फरवरी: खाजूवाला में 5 विदेशी पिस्टल, 325 कारतूस
  • 1 मार्च: रावला से 1 किलो हेरोइन
  • 9 मार्च: रायसिंहनगर से 6.4 किलो हेरोइन
  • 26 मार्च: रावला से 10 किलो हेरोइन, 5 गिरफ्तार
  • 5 अप्रैल: करणपुर से 12.167 किलो हेरोइन
  • 6 अप्रैल: करणपुर से 2.340 किलो हेरोइन
  • 7 अप्रैल: करणपुर से 1.5 किलो हेरोइन
  • 18 अप्रैल: रायसिंहनगर से 759 ग्राम हेरोइन
  • 26 अप्रैल: केसरीसिंहपुर से 1 किलो हेरोइन
  • 27 जून: जैतसर से 10.5 किलो हेरोइन
  • 20 जुलाई: हिन्दूमलकोट से 1 किलो हेरोइन
  • 2 अगस्त: खाजूवाला से 10 किलो हेरोइन, 11 विदेशी पिस्टल

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: