पाली | राजस्थान के पाली जिले के रानी उपखंड में स्थित जवाली गांव के लिए शुक्रवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया।
इस गांव में देश की आजादी के बाद पहली बार राजस्थान रोडवेज की एसी बस पहुंची, जिसे देखकर ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
जैसे ही बस गांव की सीमा में दाखिल हुई, पूरा वातावरण 'भारत माता की जय' और ढोल-नगाड़ों की थाप से गूंज उठा।
पाली में आजादी के बाद पहली बस: पाली के जवाली में आजादी के बाद पहली बार पहुंची रोडवेज बस, ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और आरती से किया भव्य स्वागत
पाली जिले के जवाली गांव में आजादी के बाद पहली बार रोडवेज की एसी बस पहुंची। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, मिठाइयों और आरती के साथ इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया।
HIGHLIGHTS
- जवाली गांव में आजादी के बाद पहली बार रोडवेज की एसी बस का आगमन हुआ।
- ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े बजाए, मिठाई बांटी और महिलाओं ने बस की आरती उतारी।
- जोधपुर से उदयपुर के बीच चलने वाली दो बसें अब जवाली में रुकेंगी।
- मंत्री जोराराम कुमावत और स्थानीय विधायकों के प्रयासों से बस सेवा शुरू हुई।
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ऐतिहासिक स्वागत की तस्वीरें
गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, हर कोई इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए बस स्टैंड पर उमड़ पड़ा।
ग्रामीणों ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर का मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया और उन्हें मिठाइयां खिलाईं।
सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब दिखा जब गांव की महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बस की आरती उतारी।
महिलाओं ने कुमकुम का तिलक लगाया और मंगल गीत गाकर रोडवेज बस का स्वागत किया, जैसे किसी वीआईपी का आगमन हुआ हो।
जवाली गांव जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, लेकिन यहां तक रोडवेज की पहुंच नहीं थी।
आजादी के बाद का लंबा इंतजार खत्म
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दशकों तक इस सुविधा का इंतजार किया है और आज उनकी मुराद पूरी हुई है।
इस गांव में करीब 4000 से 5000 मतदाता हैं, फिर भी यहां सरकारी परिवहन की भारी कमी महसूस की जा रही थी।
अब तक यहां के लोग निजी वाहनों या सीमित निजी बसों पर निर्भर थे, जिससे आवाजाही में काफी परेशानी होती थी।
विशेष रूप से छात्रों और बुजुर्गों को पाली या नाडोल जाने के लिए घंटों तक निजी साधनों का इंतजार करना पड़ता था।
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नया बस रूट और समय सारणी
अब रोडवेज प्रशासन ने जोधपुर से उदयपुर रूट पर चलने वाली दो एसी बसों का स्टॉपेज जवाली में तय किया है।
पहली बस जोधपुर से सुबह 8:00 बजे रवाना होगी और लगभग 10:30 बजे जवाली गांव पहुंचेगी।
दूसरी बस जोधपुर से सुबह 10:00 बजे रवाना होगी और दोपहर 12:30 बजे जवाली के महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर पहुंचेगी।
ये दोनों बसें पाली, खोड, जवाली और नाडोल होते हुए उदयपुर की ओर अपनी यात्रा पूरी करेंगी।
इससे न केवल जवाली बल्कि आसपास के छोटे गांवों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलने वाला है।
जनप्रतिनिधियों के प्रयासों का परिणाम
गांव के जागरूक नागरिक योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे।
ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कई बार कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत से मिला और अपनी पीड़ा साझा की।
इसके अलावा बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत और मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी को भी ज्ञापन दिए गए थे।
नेताओं के निरंतर हस्तक्षेप और रोडवेज अधिकारियों के साथ समन्वय के बाद आखिरकार यह बस सेवा शुरू हो पाई।
ग्रामीणों में भारी उत्साह
शुक्रवार को जब बस आई तो माहौल किसी उत्सव जैसा था, लोग अपने मोबाइल फोन से इस पल को कैद कर रहे थे।
कई ग्रामीणों ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर के साथ सेल्फी ली और उन्हें अपने गांव का मेहमान बताया।
जवाली प्रशासक जुगराज जैन और समाजसेवी योगेंद्र सिंह मेड़तिया ने इस उपलब्धि पर सभी ग्रामीणों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि अब गांव का विकास तेजी से होगा क्योंकि कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र की प्रगति की कुंजी होती है।
शिक्षा और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
बस सेवा शुरू होने से गांव के उन विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो उच्च शिक्षा के लिए शहर जाते हैं।
अब वे सुरक्षित और समय पर अपने कॉलेज पहुंच सकेंगे, जिससे उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी।
साथ ही, स्थानीय व्यापारियों को भी अपना माल लाने और ले जाने में रोडवेज की विश्वसनीय सेवा का लाभ मिलेगा।
पहले निजी बसों में मनमाना किराया वसूला जाता था, लेकिन अब सरकारी बस से यात्रा सस्ती और आरामदायक होगी।
इन गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
इस ऐतिहासिक अवसर पर गांव के कई प्रमुख व्यक्ति और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
श्रवण सिंह राव, हनवंत सिंह गुड़ागंगा, कॉपरेटिव अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान और छत्र सिंह कुंपावत ने भी खुशी जाहिर की।
उतमचंद गांधी, जब्बर सिंह, घनाराम चौधरी और रामलाल मेघवाल ने बस सेवा को गांव के लिए वरदान बताया।
नरपत घांची, प्रवीण कुमार, विक्रम राणा और नेमीचंद सोनी जैसे युवाओं ने रोडवेज प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
भविष्य की उम्मीदें
ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले समय में बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी ताकि हर समय कनेक्टिविटी मिले।
फिलहाल दो बसों का शुरू होना ही एक बड़ी जीत मानी जा रही है, जिससे गांव का अलगाव खत्म हुआ है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि यदि यात्री भार अच्छा रहा तो फेरे बढ़ाए जा सकते हैं।
जवाली गांव अब राजस्थान के मुख्य परिवहन मानचित्र पर मजबूती से उभर कर सामने आया है।
इस आयोजन ने साबित कर दिया कि जब ग्रामीण एकजुट होकर मांग करते हैं, तो सरकार को झुकना ही पड़ता है।
आज जवाली का हर घर इस बस सेवा के शुरू होने की खुशी में मिठाइयां बांट रहा है।
यह केवल एक बस का आना नहीं है, बल्कि एक पिछड़े इलाके के आधुनिकता से जुड़ने की कहानी है।
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