thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
शख्सियत

मोदी: गृहस्थ नहीं, पर सब जानता हूं: पीएम मोदी का बड़ा बयान: 'मैं गृहस्थ नहीं, लेकिन महिलाओं की ताकत जानता हूं', नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में कही ये बात

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

पीएम मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में महिलाओं को संबोधित करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे सरकारी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाया है।

HIGHLIGHTS

  • 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है।
  • 3 करोड़ से ज्यादा महिलाएं अब अपने घरों की कानूनी मालिक बन चुकी हैं।
  • महिला आरक्षण बिल को 2029 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 होने की संभावना जताई गई है।
pm modi nari shakti vandan sammelan delhi speech 2024

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित किया। उन्होंने सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए गए बड़े कदमों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि देश की संसद नया इतिहास रचने वाली है। विधानसभाओं से लेकर संसद तक दशकों की प्रतीक्षा अब खत्म होगी। सरकार ने इसके लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है।

'मैं गृहस्थ नहीं, पर सब जानता हूं'

संबोधन में मोदी ने कहा, 'मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन मैं सब जानता हूं।' उनका मतलब था कि वे महिलाओं के संघर्षों को गहराई से समझते हैं। सरकारी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से काफी मजबूत बनाया है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' महिलाओं के जीवन का सबसे बड़ा अवसर होगा। अब उनके लिए संसद तक पहुंचने का रास्ता आसान हो जाएगा। आज समाज में महिलाओं की भूमिका और भी अहम हो गई है।

इन योजनाओं से बदला औरतों का जीवन

मोदी ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', 'मातृत्व योजना' और 'सुकन्या समृद्धि योजना' का जिक्र किया। मिशन इंद्रधनुष के जरिए सही समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया गया, ताकि हर बच्ची का स्वास्थ्य और भविष्य सुरक्षित रहे।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्कूलों में शौचालय बनवाए गए और मुफ्त सेनेटरी पैड दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाली बेटियों को सालाना 1 लाख की मदद और सैनिक स्कूलों के दरवाजे उनके लिए खोले गए।

रसोई में धुएं से बचाने के लिए 'उज्ज्वला योजना', स्वच्छ पानी के लिए 'हर घर नल' और 5 लाख तक मुफ्त इलाज के लिए 'आयुष्मान योजना' का सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं और बेटियों को मिला है।

3 करोड़ महिलाएं बनीं घर की मालिक

पीएम मोदी ने गर्व से बताया कि 3 करोड़ से ज्यादा महिलाएं अब अपने घर की मालिक हैं। आम तौर पर व्यापारिक चर्चाओं में पुरुषों का वर्चस्व रहता था, लेकिन अब आर्थिक शक्ति बढ़ने से महिलाएं भी निर्णय ले रही हैं।

उन्होंने कहा कि जब मां आर्थिक रूप से सक्षम होती है, तो परिवार का हर सदस्य उनकी राय मांगता है। यह बदलाव समाज में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव और उनकी नई पहचान का प्रतीक है।

आरक्षण बिल का भविष्य और परिसीमन

महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें सभी दलों के चालीस साल के प्रयास शामिल हैं। 2023 में इसे सर्वसम्मति से पास किया गया और 2029 तक इसे लागू करने का लक्ष्य है।

जनगणना में हुई देरी के चलते 2011 के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन की योजना है। इससे लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है। सरकार दो बड़े संवैधानिक संशोधनों की तैयारी में है।

अंत में उन्होंने महिलाओं से अपने सांसदों से मिलने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब सांसद महिलाओं का आशीर्वाद लेकर सदन जाएंगे, तो वे राष्ट्रहित में और भी बड़े फैसले लेने के लिए प्रेरित होंगे।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें