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दिल्ली

AAP को बड़ा झटका: राघव चड्ढा और हरभजन सिंह भाजपा में शामिल

बलजीत सिंह शेखावत

राघव चड्ढा, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल समेत कई बड़े नेताओं ने छोड़ी AAP, भाजपा का थामा दामन।

HIGHLIGHTS

  • राघव चड्ढा और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया है।
  • संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल और अशोक मित्तल जैसे दिग्गज नेताओं ने भी आप छोड़ बीजेपी जॉइन की।
  • राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी अब जनहित के बजाय निजी फायदों के लिए काम कर रही है।
  • पार्टी ने हाल ही में चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाकर अशोक मित्तल को नियुक्त किया था।
raghav chadha harbhajan singh join bjp aap crisis

नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी (AAP) को आज उस समय एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह सहित कई दिग्गजों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया।

राघव चड्ढा का बड़ा आरोप और इस्तीफा

इस्तीफा देने के बाद राघव चड्ढा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने 15 वर्षों तक इस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा था।

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मार्ग से पूरी तरह भटक चुकी है और अब यह जनहित में नहीं रही।

चड्ढा के अनुसार, अब पार्टी देशहित की जगह केवल अपने निजी स्वार्थों और फायदों के लिए काम करने में लगी हुई है, जिससे वे आहत हैं।

जिस AAP को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा वह अपने मार्ग से हट गई है। अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अब जनता के सीधे संपर्क में रहकर राजनीति करना चाहते हैं और इसीलिए उन्होंने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।

दिग्गज नेताओं का भाजपा में सामूहिक पलायन

राघव चड्ढा के साथ-साथ संदीप पाठक ने भी पार्टी से अपने 10 साल पुराने रिश्तों को खत्म करते हुए भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल और पूर्व दिग्गज क्रिकेटर हरभजन सिंह का भाजपा में जाना पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी सांगठनिक क्षति माना जा रहा है।

अशोक मित्तल और राजेंद्र गुप्ता जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी पार्टी का साथ छोड़ दिया है, जिससे आप की संसदीय शक्ति काफी कमजोर हुई है।

पार्टी ने हाल ही में चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी थी, जो अब खुद भाजपा में हैं।

हालांकि, मित्तल ने भी पद मिलने के कुछ ही दिनों बाद पार्टी का साथ छोड़कर दिल्ली की राजनीति में सबको पूरी तरह से चौंका दिया है।

भविष्य की राजनीति पर गहरा प्रभाव

इन बड़े नेताओं के भाजपा में शामिल होने से दिल्ली और पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनने की पूरी संभावना नजर आ रही है।

दो-तिहाई सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरों ने आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहे गहरे असंतोष और आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है।

यह घटनाक्रम आगामी चुनावों में भाजपा के लिए मजबूती और 'आप' के अस्तित्व के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर नेताओं का टूटना पार्टी की साख पर गहरा असर डालेगा और संगठन को फिर खड़ा करना मुश्किल होगा।

*Edit with Google AI Studio

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