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राजस्थान

राजस्थान CET 2026 के नए नियम लागू: राजस्थान CET 2026: 3 साल की वैधता और 40% पात्रता अंक

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कर्मचारी चयन बोर्ड ने सीईटी 2026 के नियमों में बड़ा बदलाव किया, 20 लाख छात्रों को मिलेगी राहत।

HIGHLIGHTS

  • सीईटी प्रमाण-पत्र की वैधता अब 1 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दी गई है।
  • सामान्य वर्ग के लिए 40% और आरक्षित वर्ग के लिए 35% अंक पात्रता के लिए अनिवार्य हैं।
  • स्नातक स्तर की परीक्षा नवंबर और सीनियर सेकेंडरी स्तर की दिसंबर में होगी।
  • पेपर का स्तर कठिन रखा जाएगा ताकि मुख्य परीक्षा एक ही शिफ्ट में हो सके।
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जयपुर | राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने सीईटी-2026 की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार परीक्षा के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। इससे प्रदेश के 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

सीईटी 2026: पात्रता नियमों में बड़ा बदलाव

बोर्ड ने सीईटी प्रमाण-पत्र की वैधता को 1 साल से बढ़ाकर अब 3 साल कर दिया है। इससे अभ्यर्थियों को हर साल परीक्षा देने के तनाव से मुक्ति मिलेगी। अब एक बार पात्र होने पर अभ्यर्थी तीन साल तक आवेदन कर सकेंगे।

पात्रता के लिए अब न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। हालांकि, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को इसमें 5 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। यानी उन्हें केवल 35 प्रतिशत अंक ही प्राप्त करने होंगे।

परीक्षा का शेड्यूल और आवेदन प्रक्रिया

सीईटी स्नातक स्तर के लिए ऑनलाइन आवेदन जून में शुरू होंगे। यह प्रक्रिया करीब एक महीने तक चलेगी। इसकी परीक्षा नवंबर में आयोजित किए जाने की प्रबल संभावना है।

वहीं, सीनियर सेकेंडरी स्तर के लिए आवेदन जुलाई में लिए जाएंगे। एक महीने की आवेदन प्रक्रिया के बाद इसकी परीक्षा दिसंबर में होना प्रस्तावित है। इन परीक्षाओं से 23 प्रकार की भर्तियों का रास्ता साफ होगा।

कठिन होगा पेपर का स्तर

बोर्ड का उद्देश्य मुख्य परीक्षा में भीड़ को सीमित करना है। अध्यक्ष आलोक राज ने स्पष्ट किया है कि इस बार पेपर का स्तर काफी उच्च और स्टैंडर्ड रखा जाएगा।

"इस बार पेपर का स्तर स्टैंडर्ड और अपेक्षाकृत कठिन रखा जाएगा, ताकि अत्यधिक संख्या में अभ्यर्थी पात्र न हो जाएं। हमारा प्रयास है कि 3 से 4 लाख अभ्यर्थी ही पात्र हों, ताकि मुख्य परीक्षा एक ही पारी में हो सके।"

भर्तियों पर पड़ेगा सकारात्मक असर

सीईटी की पात्रता के बिना वर्तमान में कई महत्वपूर्ण भर्तियां अटकी हुई हैं। नई परीक्षा के बाद प्लाटून कमांडर, कनिष्ठ लेखाकार और महिला पर्यवेक्षक जैसे पदों के लिए प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी।

फरवरी 2026 में पुराने अभ्यर्थियों की पात्रता समाप्त हो रही है। ऐसे में नई परीक्षा लाखों युवाओं के लिए करियर के नए द्वार खोलेगी। बोर्ड अब पूरी तरह से पारदर्शी परीक्षा कराने की तैयारी में जुटा है।

यह बदलाव राजस्थान के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। परीक्षा का स्तर कठिन होने से केवल गंभीर अभ्यर्थी ही आगे बढ़ पाएंगे। इससे चयन प्रक्रिया में भी तेजी आने की उम्मीद है।

*Edit with Google AI Studio

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