जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री के सक्रिय प्रयासों और केंद्र सरकार के साथ प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप राज्य को मिलने वाली केंद्रीय सहायता में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 राजस्थान के लिए आर्थिक दृष्टि से ऐतिहासिक साबित हुआ है। राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में राजस्थान को केंद्र प्रवर्तित योजनाओं, अनुदान और केंद्रीय करों के हिस्से के रूप में कुल 1 लाख 20 हजार 369 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। यह विशाल राशि प्रदेश के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगी। यह वित्तीय उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के किसी भी वर्ष की तुलना में बहुत अधिक है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल वित्तीय प्रबंधन और केंद्र के साथ निरंतर संवाद ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।
राजस्थान को मिला रिकॉर्ड बजट: राजस्थान के विकास को मिली नई गति: सीएम भजनलाल शर्मा के प्रयासों से केंद्र से मिले रिकॉर्ड 1.20 लाख करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रभावी समन्वय से राजस्थान को वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र से 1 लाख 20 हजार 369 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि प्राप्त हुई है। यह राशि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के किसी भी वर्ष से कहीं अधिक है।
HIGHLIGHTS
- वित्त वर्ष 2025-26 में राजस्थान को केंद्र से कुल 1 लाख 20 हजार 369 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि प्राप्त हुई है।
- मार्च 2026 के महीने में ही केंद्र सरकार ने राज्य के विकास के लिए 19 हजार करोड़ रुपये की भारी राशि जारी की।
- सास्की योजना के तहत राज्य को 10,548 करोड़ रुपये मिले, जो पिछली सरकार के तीन वर्षों के कुल योग से अधिक है।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर पिछले 5 वर्षों में सर्वाधिक 2,693 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ।
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मार्च 2026 में हुई धनवर्षा
मार्च 2026 का महीना राजस्थान के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। इस एक माह में ही केंद्र सरकार ने राज्य को लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की बड़ी राशि जारी की। इतनी बड़ी राशि एक साथ मिलने से राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शिक्षा, पेयजल और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सुनिश्चित किया है कि केंद्र से प्राप्त हर पैसे का उपयोग आम जनता के कल्याण और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए हो। डबल इंजन की सरकार होने का लाभ अब धरातल पर दिखने लगा है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल से राजस्थान को उसका हक और अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन समय पर मिल रहा है। इससे परियोजनाओं की लागत और समय दोनों में बचत होगी।
सास्की योजना में राजस्थान की छलांग
पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (सास्की) योजना के तहत राजस्थान ने शानदार प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत राज्य को 10 हजार 548 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। यदि इसकी तुलना पिछली सरकार के कार्यकाल से की जाए, तो अंतर स्पष्ट नजर आता है। पूर्ववर्ती सरकार के तीन वर्षों (2020-21 से 2022-23) में यह राशि मात्र 7 हजार 290 करोड़ रुपये ही थी। वर्तमान सरकार ने एक वर्ष में ही तीन वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह वृद्धि दर्शाती है कि वर्तमान सरकार पूंजीगत संपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है। सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों के निर्माण से राज्य की अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि में लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष प्रयासों से 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत चिकित्सा क्षेत्र में भारी निवेश हुआ है। इस वित्तीय वर्ष में राज्य को 2 हजार 693 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। यह पिछले पांच वर्षों में प्राप्त हुई सर्वाधिक राशि है। तुलनात्मक रूप से देखें तो पिछली सरकार के अंतिम तीन वर्षों में इस मद में केवल 833 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए थे। यह भारी अंतर वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत बजट के उपयोग में भी राजस्थान ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ष 2025-26 में एनएचएम बजट का 98 प्रतिशत व्यय दर्ज किया गया है, जो पिछली सरकारों के औसत से कहीं अधिक है।
शिक्षा और सड़क नेटवर्क का विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र में समग्र शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2025-26 में 2 हजार 972 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के निरंतर समन्वय से केंद्र ने स्कूलों के निर्माण के लिए 409 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी मंजूर किया है। सड़क बुनियादी ढांचे की बात करें तो केंद्रीय सड़क निधि (CRF) से इस वित्तीय वर्ष में 1 हजार 694 करोड़ रुपये मिले हैं। यह राशि पिछली सरकार के अंतिम दो वर्षों के कुल अनुदान से भी 140 करोड़ रुपये अधिक है, जिससे ग्रामीण और शहरी सड़कों का जाल बिछेगा। राजस्थान एसएनए-स्पर्श प्रणाली के उपयोग में भी देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है। इस प्रशासनिक कुशलता के लिए केंद्र ने राज्य को 350 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की है, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
निष्कर्ष और भविष्य की राह
1 लाख 20 हजार 369 करोड़ रुपये की यह रिकॉर्ड प्राप्ति राजस्थान को एक विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन से अब प्रदेश का हर कोना विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। पेयजल योजनाओं से लेकर कृषि सुधारों तक, इस राशि का प्रभाव हर क्षेत्र में दिखाई देगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पारदर्शी तरीके से इन संसाधनों का उपयोग कर राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में सबसे ऊपर लाया जाए।
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