राजस्थान

IFMS 3.0: आईडी अप्रूवल के नए नियम: नव नियुक्त कार्मिकों की ID अप्रूवल के लिए नए दिशा-निर्देश

महेन्द्रसिंह शेखावत · 07 सितम्बर 2026, 05:52 शाम
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नए कर्मचारियों के वेतन आहरण हेतु IFMS 3.0 आईडी अप्रूवल प्रक्रिया में बदलाव किए हैं। अब डॉ. ज्योति बाला व्यास नई वित्तीय सलाहकार के रूप में आईडी को अप्रूव करेंगी।

बीकानेर | माध्यमिक शिक्षा विभाग में नव नियुक्त एवं चयनित कार्मिकों के वेतन आहरण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए नए कदम उठाए गए हैं। निदेशक माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर ने सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों को आईएफएमएस 3.0 पर आईडी अप्रूव कराने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

आईडी अप्रूवल की नई प्रक्रिया

नए निर्देशों के अनुसार, संबंधित विद्यालय अथवा कार्यालय को सबसे पहले नव नियुक्त कार्मिक की एक Request ID Generate करनी होगी।

इसके बाद इस आईडी को ऑनलाइन माध्यम से HOD (विभागाध्यक्ष) को भेजना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पूरी प्रणाली को पारदर्शी और तेज बनाना है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची

ऑनलाइन रिक्वेस्ट के साथ सभी जरूरी दस्तावेजों को भी अपलोड करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी दस्तावेज रंगीन, स्पष्ट और PDF फॉर्मेट में होने चाहिए, जिनका आकार अधिकतम 2 MB हो।

नई वित्तीय सलाहकार की नियुक्ति

विभाग ने यह भी सूचित किया है कि वित्तीय सलाहकार के रिक्त पद पर डॉ. ज्योति बाला व्यास का पदस्थापन माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर में किया गया है।

अब एचओडी स्तर पर सभी ऑनलाइन रिक्वेस्ट आईडी डॉ. ज्योति बाला व्यास की आईडी पर प्राप्त होंगी। वह संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर आईडी को अप्रूव करेंगी।

यदि दस्तावेजों में कोई कमी पाई जाती है अथवा वे स्पष्ट नहीं होते हैं, तो Request को Revert अथवा Reject किया जा सकता है।

पुरानी रिक्वेस्ट आईडी पर नहीं होगी कार्रवाई

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी नव नियुक्त कर्मचारी की Request ID पहले से संजय धवन अथवा मीना सोनगरा, वित्तीय सलाहकार की ID पर भेजी जा चुकी है, तो उस पर अब कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

ऐसी स्थिति में संबंधित विद्यालय या कार्यालय को एक नई Request ID Generate करनी होगी और उसे डॉ. ज्योति बाला व्यास की आईडी पर ही भेजना होगा।

विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि नव नियुक्त कार्मिकों के वेतन आहरण की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संचालित हो सके।

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