जयपुर | राजस्थान विधानसभा के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर ‘अमृत महोत्सव उद्घोष’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवपूर्ण मंच पर राजनीति के गंभीर चेहरों के बीच हंसी के फुव्वारे भी छूटे।
राज्यपाल की जूली पर चुटकी: राजस्थान विधानसभा राज्यपाल बागड़े का टीकाराम जूली पर तंज
अमृत महोत्सव में राज्यपाल ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की उम्र और सीएम पद पर मजेदार टिप्पणी की।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने पर 'अमृत महोत्सव' का आयोजन हुआ।
- राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर मजेदार तंज कसा।
- राज्यपाल ने जूली की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल से की।
- कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और सीएम पद की दावेदारी पर भी चुटकी ली गई।
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राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ ऐसी चुटकी ली कि पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। यह क्षण विधानसभा के इतिहास में काफी यादगार बन गया।
राज्यपाल का टीकाराम जूली पर अनूठा तंज
राज्यपाल ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया, उन्होंने सबसे पहले टीकाराम जूली के नाम पर ही चुटकी ली। उन्होंने जूली की उम्र और उनके नाम के पीछे छिपी धारणा को लेकर बहुत मजेदार बात कही।
राज्यपाल ने मुस्कुराते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार नेता प्रतिपक्ष का नाम 'टीकाराम' सुना, तो उनके मन में एक अलग ही छवि बनी थी। उन्हें लगा कि यह कोई बेहद अनुभवी और बुजुर्ग नेता होंगे।
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उन्होंने राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल का उदाहरण देते हुए कहा कि मुझे लगा आप भी उन्हीं की तरह सीनियर होंगे। लेकिन जब मैंने जूली जी को देखा, तो वह काफी युवा निकले।
मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा पर खिंचाई
इसके बाद राज्यपाल ने जूली की राजनीतिक भविष्य और कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर कटाक्ष किया। उन्होंने जूली के मुख्यमंत्री बनने की इच्छा को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया जिससे माहौल और भी हल्का हो गया।
राज्यपाल ने कहा कि पालीवाल जी तो मुख्यमंत्री बनकर चले गए, लेकिन जूली जी आपके लिए यह राह काफी कठिन नजर आती है। उन्होंने जूली की पार्टी के भीतर मची होड़ की ओर इशारा किया।
"वैसे आपके मुख्यमंत्री होने की उम्मीद कम ही है क्योंकि आपकी पार्टी में आपके आगे बहुत लंबी लाइन लगी है। पता नहीं आपका नंबर कब आएगा, मुझे तो ऐसा लगता नहीं है।"
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय
राज्यपाल की इस टिप्पणी ने न केवल सदन में मौजूद विधायकों को हंसाया, बल्कि बाहर भी चर्चा छेड़ दी। टीकाराम जूली भी राज्यपाल की इन बातों पर अपनी हंसी नहीं रोक पाए और माहौल खुशनुमा बना रहा।
राजस्थान की राजनीति में अक्सर तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है, लेकिन इस कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के बीच एक अलग ही तालमेल दिखा। राज्यपाल का यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है।
अमृत महोत्सव के दौरान राज्यपाल ने सदन की लोकतांत्रिक परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा ने देश को कई महान नेता दिए हैं और इसकी चर्चा पूरे देश में हर जगह होती है।
सदन की गरिमा और अमृत महोत्सव
उन्होंने युवा नेताओं को सदन की मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी। राज्यपाल ने जूली की वाकपटुता की तारीफ भी की और कहा कि वह बहुत अच्छा बोलते हैं, जो एक अच्छे नेता की निशानी है।
निष्कर्ष के तौर पर, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और टीकाराम जूली के बीच का यह संवाद राजनीति के मानवीय और सहिष्णु चेहरे को दर्शाता है। मतभेदों के बावजूद, ऐसे पल लोकतंत्र की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं।
यह घटना दर्शाती है कि राजनीति केवल आरोप-प्रत्यारोप का खेल नहीं है। कभी-कभी हंसी-मजाक के जरिए भी गंभीर संदेश दिए जा सकते हैं। इस कार्यक्रम ने विधानसभा के गौरवशाली सफर को और भी यादगार बना दिया।
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