नोखा | नोखा तहसील के तालवा गांव में राजपूत समाज की शमशान भूमि को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बिश्नोई महासभा मुकाम द्वारा कथित तौर पर भूमि को स्थानांतरित करने और एक अवैध फोरलेन रास्ता निकालने के विरोध में राजपूत समाज ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया।
शमशान भूमि पर विवाद, राजपूत समाज का प्रदर्शन: नोखा में शमशान भूमि विवाद: राजपूत समाज ने दिया ज्ञापन
नोखा में तालवा गांव की शमशान भूमि पर बिश्नोई महासभा द्वारा कब्जे और फोरलेन बनाने के विरोध में राजपूत समाज उतरा।
HIGHLIGHTS
- नोखा में शमशान भूमि को लेकर राजपूत समाज का विरोध प्रदर्शन।
- बिश्नोई महासभा पर भूमि स्थानांतरित करने और अवैध रास्ता बनाने का आरोप।
- समाज के लोगों ने तहसीलदार और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
- कई गांवों के सरपंच और गणमान्य नागरिक विरोध में शामिल हुए।
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शुक्रवार को नोखा तहसील के राजपूत समाज के कई गणमान्य लोग राजपूत करणी छात्रावास में एकत्रित हुए। यहां से सभी ने मिलकर प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ग्राम तालवा की सदियों पुरानी शमशान भूमि को बिश्नोई महासभा द्वारा अवैध रूप से स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही, भूमि से एक नाजायज फोरलेन रास्ता भी निकाला जा रहा है, जिसका समाज पुरजोर विरोध कर रहा है।
इस मामले को लेकर समाज के लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यह उनकी आस्था और परंपराओं के साथ खिलवाड़ है।
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प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
राजपूत करणी छात्रावास में बैठक के बाद, समाज के प्रतिनिधियों ने नोखा तहसीलदार, एसडीएम और विकास अधिकारी (BDO) को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में तत्काल प्रभाव से इस कार्रवाई को रोकने की मांग की गई है।
समाज के एक प्रतिनिधि ने कहा, "यह हमारी भावनाओं और परंपराओं का अपमान है। हम अपनी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
इस विरोध प्रदर्शन में कर्नल मोहन सिंह धुपालिया, विभिन्न गांवों के सरपंच जैसे भीख सिंह, सवाई सिंह, भूप सिंह, अक्षय सिंह समेत बड़ी संख्या में तालवा गांव के निवासी और राजपूत समाज के लोग मौजूद रहे।
समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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