जयपुर | राजस्थान सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह से संकल्पित नजर आ रही है। संसदीय कार्य और विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने इस दिशा में सक्रिय कदम उठाए हैं।
हाल ही में मंत्री जोगाराम पटेल ने मेलबा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माणाधीन भवन का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया और प्रगति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यकारी एजेंसी और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: राजस्थान में स्वास्थ्य क्रांति: राज-सुरक्षा योजना और अटल आरोग्य फूड कोर्ट से बदलेगी चिकित्सा व्यवस्था, मंत्री जोगाराम पटेल ने दी जानकारी
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मेलबा पीएचसी का निरीक्षण किया और राज्य की नई स्वास्थ्य योजनाओं की घोषणा की। सरकार आपातकालीन स्थितियों के लिए राज-सुरक्षा योजना और अस्पतालों में अटल आरोग्य फूड कोर्ट शुरू कर रही है।
HIGHLIGHTS
- राज-सुरक्षा योजना के जरिए दुर्घटना और हार्ट अटैक जैसी आपात स्थितियों में मरीजों को अब तुरंत और त्वरित उपचार मिल सकेगा।
- राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्ध अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए अटल आरोग्य फूड कोर्ट और अत्याधुनिक विश्राम गृह बनेंगे।
- राजस्थान के स्वास्थ्य बजट में इस वर्ष 53 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए कुल 32,526 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है।
- लूणी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए पिछले 2 वर्षों में 69.49 करोड़ रुपये के 32 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
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समय पर काम पूरा करने की चेतावनी
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भवन का निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर ही पूरा होना चाहिए। देरी होने पर संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा ही अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं की पहली सीढ़ी है। इसलिए निर्माण में आधुनिक मानकों और सुरक्षा मानदंडों का पालन करना अनिवार्य है।
इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के स्वास्थ्य के प्रति बेहद संवेदनशील है और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
स्वास्थ्य बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मंत्री पटेल ने जानकारी दी कि इस बार के बजट में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। सरकार ने 32 हजार 526 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है।
यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में लगभग 53 प्रतिशत अधिक है। इतनी बड़ी वृद्धि दर्शाती है कि स्वास्थ्य वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर शामिल है।
इस बढ़े हुए बजट का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। साथ ही, प्राथमिक केंद्रों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर इलाज मिले।
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राज-सुरक्षा योजना: आपातकालीन राहत
सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में जान बचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए जल्द ही 'राज-सुरक्षा योजना' की शुरुआत की जाएगी जो एक मील का पत्थर साबित होगी।
यह योजना विशेष रूप से सड़क दुर्घटना, प्रसूति और हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियों में मरीजों को तुरंत उपचार दिलाने में मददगार होगी। समय पर इलाज मिलने से प्रदेश में मृत्यु दर में कमी आएगी।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि असहाय, विमन्दित और लावारिस रोगियों को भी इलाज से वंचित नहीं रखा जाएगा। दस्तावेजों के अभाव में भी उन्हें अब समुचित चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
आयुष्मान और निरोगी राजस्थान का लाभ
ऐसे रोगियों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और निरोगी राजस्थान योजना के तहत निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। यह कदम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के लिए उठाया गया है।
अक्सर पहचान पत्रों और दस्तावेजों की कमी के कारण गरीब लोग बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं करा पाते थे। लेकिन अब सरकार ने इन तकनीकी बाधाओं को पूरी तरह दूर करने का फैसला किया है।
अटल आरोग्य फूड कोर्ट और विश्राम गृह
अस्पतालों में आने वाले मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधाओं का भी खास ख्याल रखा जा रहा है। इसके लिए प्रदेश में 'अटल आरोग्य फूड कोर्ट' स्थापित किए जाएंगे।
ये फूड कोर्ट चिकित्सा महाविद्यालयों से सम्बद्ध अस्पतालों में उचित दर पर शुद्ध और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराएंगे। इससे परिजनों को भोजन के लिए अस्पताल के बाहर भटकना नहीं पड़ेगा।
साथ ही, 500 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक विश्राम गृह भी स्थापित किए जाएंगे। ये विश्राम गृह बड़े अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले लोगों के ठहरने की समस्या का स्थाई समाधान करेंगे।
लूणी विधानसभा क्षेत्र का विकास
मंत्री पटेल ने अपने विधानसभा क्षेत्र लूणी की प्रगति के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है।
पिछले 2 वर्षों के कार्यकाल में लूणी में स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास के लिए 69.49 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन पैसों से कुल 32 महत्वपूर्ण विकास कार्य वर्तमान में संचालित हैं।
उनका लक्ष्य है कि लूणी के हर गांव और ढाणी तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए वे स्वयं नियमित रूप से निर्माण कार्यों की निगरानी कर रहे हैं ताकि जनता को जल्द लाभ मिले।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने मंत्री को विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों से अवगत कराया।
मंत्री ने अंत में कहा कि हमारा अंतिम उद्देश्य 'स्वस्थ और विकसित राजस्थान' का निर्माण करना है। इसके लिए सरकार, प्रशासन और जनता को एक साझा विजन के साथ मिलकर काम करना होगा।
प्रदेश के हर नागरिक को उसके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके, यही भजनलाल सरकार का सपना है। इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए हर विभाग पूरी ऊर्जा से काम कर रहा है।
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