जयपुर | राजस्थान में सहकारिता के क्षेत्र को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने पैक्स कम्प्यूटराइजेशन कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पैक्स का डिजिटल अवतार: राजस्थान में सहकारी समितियों का होगा कायाकल्प, पैक्स बनेंगे हाईटेक
सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने पैक्स कम्प्यूटराइजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में देश में दूसरे स्थान पर है और अब पहले स्थान का लक्ष्य है।
- शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने अगले 10 दिनों में प्रोजेक्ट में ठोस प्रगति के निर्देश दिए हैं।
- नाबार्ड को परियोजना के लिए आवश्यक डिजिटल टूल्स जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है।
- इस पहल से समितियों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
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डिजिटल बदलाव और पारदर्शिता
डॉ. शर्मा ने जयपुर में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट किया कि पैक्स का डिजिटल होना समय की मांग है। इससे सहकारी समितियों के दैनिक कामकाज में न केवल तेजी आएगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने नाबार्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जरूरी तकनीकी टूल्स जल्द उपलब्ध कराएं। अगले 10 दिनों के भीतर गो-लाइव और ऑन सिस्टम ऑडिट में प्रगति अनिवार्य है।
देश में राजस्थान का प्रदर्शन
वर्तमान में, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन के मामले में राजस्थान देश भर में दूसरे स्थान पर है। विभाग अब प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए पूरी कटिबद्धता के साथ रणनीति बनाकर काम कर रहा है।
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"पैक्स कम्प्यूटराइजेशन एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे सहकारी समितियों के कामकाज में तीव्रता आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।"
सहकार से समृद्धि का लक्ष्य
यह परियोजना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसकी नियमित रूप से उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है। डॉ. शर्मा ने कहा कि 'सहकारिता में सहकार' पहल के लिए अतिरिक्त प्रयासों की जरूरत है। समितियों को बेहतर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का सहयोग लिया जा रहा है। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि इस डिजिटल मिशन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस डिजिटल क्रांति से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी समस्याओं का समाधान जल्दी होगा। राजस्थान अब सहकारिता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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