राजस्थान चुनाव 2026: मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न: राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026: जयपुर में 205 मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न, त्रुटिरहित मतदान पर जोर

राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026: जयपुर में 205 मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न, त्रुटिरहित मतदान पर जोर
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Highlights

  • 205 मास्टर ट्रेनर्स को मिली कमान; 41 जिलों के प्रतिनिधि शामिल; त्रुटिरहित मतदान और पारदर्शी मतगणना मुख्य लक्ष्य; EVM और आचार संहिता पर गहन अभ्यास।

जयपुर | राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जयपुर के इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर (DLMT) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों में 'त्रुटिरहित मतदान' और 'पारदर्शी मतगणना' सुनिश्चित करना है।

205 मास्टर ट्रेनर्स संभालेंगे मोर्चा

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश के सभी 41 जिलों से 205 विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रत्येक जिले से 5 मास्टर ट्रेनर्स को तकनीकी और प्रक्रियात्मक बारीकियों से अवगत कराया गया है। अब ये ट्रेनर्स अपने संबंधित जिलों में जाकर हजारों मतदान अधिकारियों (PO) और प्रथम मतदान अधिकारियों (PRO) को चुनाव प्रक्रिया का प्रशिक्षण देंगे। यह ढांचा स्थानीय स्तर पर चुनाव कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण ट्रेनिंग देने में सहायक होगा।

पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर

आयोग के सचिव राजेश वर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि पंचायती राज चुनाव सीधे तौर पर ग्रामीण लोकतंत्र की नींव हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की मानवीय या तकनीकी चूक स्वीकार्य नहीं होगी। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स को आदर्श आचार संहिता के कड़ाई से पालन और मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तकनीकी पहलुओं और ग्राउंड रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण

सह सचिव नीरज शर्मा और उप सचिव मनीषा चौधरी के निर्देशन में ट्रेनर्स को EVM संचालन, बैलेट पेपर प्रबंधन और मतगणना के दौरान आने वाली चुनौतियों का समाधान सिखाया गया। उप सचिव अंबालाल ने बताया कि ट्रेनर्स की जिम्मेदारी केवल क्लासरूम तक सीमित नहीं होगी; उन्हें फील्ड मॉनिटरिंग के लिए भी तैयार किया गया है। वे मतदान केंद्रों पर रैंप, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन भी करेंगे।

प्रशिक्षण के अंत में विशेषज्ञ टीम मनीष कुमार गोयल, मनीष माथुर और राजेश सोनोनिया द्वारा 'मॉक ड्रिल' के माध्यम से वास्तविक चुनावी परिस्थितियों का सिमुलेशन किया गया। इससे ट्रेनर्स की शंकाओं का मौके पर ही समाधान हो सका। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर चुनावी महाकुंभ के सफल संचालन हेतु रवाना किया गया।

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