जयपुर | राजस्थान की जनता के लिए आज की सुबह महंगाई का एक बड़ा और कड़ा झटका लेकर आई है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से भारी बढ़ोतरी कर दी है।
राजस्थान में तेल की कीमतों में आग: राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, जेब पर भारी बोझ
राजस्थान में 12 दिन में चौथी बार बढ़े दाम, पेट्रोल ₹2.82 और डीजल ₹2.73 महंगा हुआ।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान में पेट्रोल ₹2.82 और डीजल ₹2.73 प्रति लीटर महंगा हो गया है।
- पिछले 12 दिनों के भीतर तेल कंपनियों ने कुल 4 बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं।
- जयपुर में सामान्य पेट्रोल अब ₹112.69 और डीजल ₹97.78 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
- ट्रांसपोर्टर्स ने चेतावनी दी है कि ईंधन महंगा होने से फल-सब्जियों के दाम भी बढ़ेंगे।
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आज यानी 25 मई 2026 को प्रदेश भर में ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं। पेट्रोल की कीमत में ₹2.82 और डीजल में ₹2.73 का इजाफा हुआ है।
मरुधरा में महंगाई का ग्राफ अब आम आदमी के नियंत्रण से पूरी तरह बाहर होता नजर आ रहा है। वैश्विक बाजारों के दबाव और घरेलू तेल कंपनियों के फैसलों ने जनता को परेशान कर दिया है।
ताजा अपडेट के मुताबिक, इस झटके ने राज्य के मध्यमवर्गीय परिवारों और रोज कमाने-खाने वालों की रातों की नींद उड़ा दी है। खास तौर पर बाइक चालकों और माल ढुलाई से जुड़े लोगों पर इसका गहरा असर पड़ा है।
12 दिन में 4 बार बैक-टू-बैक वृद्धि
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यह कोई पहली बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि पिछले दो हफ्तों से आम उपभोक्ताओं को लगातार किस्तों में महंगाई की मार दी जा रही है। 12 दिनों के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है।
पिछले महज 12 दिनों के भीतर कुल 4 बार दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पेट्रोल की कीमतों में कुल ₹7.94 प्रति लीटर का भयंकर इजाफा हो चुका है।
इसी तरह, डीजल की कीमतों में भी इन 12 दिनों के भीतर कुल ₹7.57 प्रति लीटर की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह एक रिकॉर्ड स्तर की वृद्धि मानी जा रही है।
लगातार हो रही इस मूल्य वृद्धि के कारण रसोई के बजट से लेकर बाजार में आने वाली हरी सब्जियों के दाम भी आनुपातिक रूप से बढ़ने शुरू हो गए हैं।
जयपुर में नई रेट लिस्ट का विश्लेषण
राजधानी जयपुर के फिलिंग स्टेशनों से जो डेटा सामने आ रहा है, उसके अनुसार ईंधन के रेट्स ने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अब आम आदमी के लिए वाहन चलाना मुश्किल हो गया है।
जयपुर में सामान्य पेट्रोल का पुराना भाव ₹109.84 था, जो आज ₹112.69 हो गया है। यानी 10 लीटर पेट्रोल के लिए अब ₹28.20 अतिरिक्त देने होंगे।
प्रीमियम पेट्रोल (XP) की स्थिति और भी खराब है। इसका पुराना भाव ₹119.15 था, जो आज की बढ़ोतरी के बाद ₹121.97 के स्तर पर पहुंच गया है।
सामान्य डीजल जो कल तक ₹95.05 पर था, वह अब ₹97.78 प्रति लीटर बिक रहा है। इससे खेती-किसानी और भारी वाहनों का खर्च अचानक बढ़ गया है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर में मचा हड़कंप
डीजल की कीमतों में ₹2.73 का यह ताजा उछाल केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहने वाला है। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर के ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने आक्रोश व्यक्त किया है।
ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि डीजल महंगा होने का सीधा मतलब है कि ट्रक और ट्रेलर्स का भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा। इससे बाजार में हर वस्तु की कीमत बढ़ जाएगी।
"डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट बिजनेस अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। अगर सरकार ने वैट कम नहीं किया तो हमें माल ढुलाई की दरें बढ़ानी पड़ेंगी।"
जब माल ढुलाई का भाड़ा बढ़ेगा, तो जयपुर के मुहाने पर आने वाली फल, सब्जियां, दूध और दवाइयां सब कुछ महंगा हो जाएगा। इसका असर आम आदमी की थाली पर पड़ेगा।
आम आदमी और मध्यम वर्ग की चिंताएं
मध्यम वर्ग के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों की वैन से लेकर ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों के पेट्रोल खर्च में भारी वृद्धि हुई है।
एक बाइक चालक के लिए महीने का खर्च अब 500 से 700 रुपये तक बढ़ गया है। वहीं, छोटे व्यापारियों के लिए सामान की डिलीवरी करना महंगा हो गया है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में उपभोक्ता वस्तुओं की मांग में कमी आ सकती है। लोग अब अनावश्यक यात्राओं से बचने लगे हैं।
वैट (VAT) कम करने की मांग हुई तेज
राजस्थान की आम जनता और विपक्षी दलों ने अब राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर #OilPriceHike ट्रेंड कर रहा है और लोग गुस्से में हैं।
लोग मांग कर रहे हैं कि पड़ोसी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा और गुजरात के मुकाबले राजस्थान में तेल पर लगने वाला वैट (VAT) बहुत ज्यादा है, जिसे कम किया जाना चाहिए।
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि सीमावर्ती जिलों जैसे श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
लोग ₹2 से ₹3 सस्ता तेल लेने के लिए पड़ोसी राज्यों के पंपों पर चले जाते हैं। इससे राजस्थान के राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है और स्थानीय पंप मालिक परेशान हैं।
भविष्य की राह और सरकार का रुख
अब पूरी जनता की नजरें मुख्यमंत्री सचिवालय पर टिकी हैं। क्या सरकार टैक्स में कटौती कर जनता को कोई बड़ी राहत देगी? यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द ही वैट में कटौती नहीं की, तो महंगाई का यह चक्र पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल, पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग अपनी टंकियां फुल करवाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अगली संभावित वृद्धि से बच सकें।
कुल मिलाकर, राजस्थान में ईंधन की कीमतों में लगी यह आग आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी रहेगी।
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