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राजस्थान

सेल्फी विद रोहिड़ा: एक अनोखी पहल: रोहिड़ा संरक्षण: 'सेल्फी विद रोहिड़ा' अभियान शुरू

महेन्द्रसिंह शेखावत

बीकानेर में राजकीय पुष्प रोहिड़ा के संरक्षण हेतु वन विभाग ने 'सेल्फी विद रोहिड़ा' अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य युवाओं और आमजन को जोड़कर रोहिड़ा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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HIGHLIGHTS

  • बीकानेर में राजकीय पुष्प रोहिड़ा के संरक्षण के लिए 'सेल्फी विद रोहिड़ा' अभियान का शुभारंभ।
  • अभियान के तहत नागरिक विशिष्ट रोहिड़ा वृक्ष के साथ सेल्फी लेकर ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे।
  • इसका उद्देश्य रोहिड़ा वृक्षों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और जन-जागरूकता बढ़ाना है।
  • सर्वश्रेष्ठ पांच प्रतिभागियों को जिला स्तरीय वन महोत्सव पर सम्मानित किया जाएगा।
bikaner launches selfie with rohida campaign for conservation

बीकानेर |राज्य सरकार की ‘पंच गौरव’ योजना के तहत रोहिड़ा को बीकानेर जिले की ‘एक जिला-एक वनस्पति प्रजाति’ के रूप में चयनित किया गया है। मरुस्थलीय परिस्थितियों में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले और राजस्थान के राजकीय पुष्प रोहिड़ा के संरक्षण के लिए एक जन-आंदोलन बनाने की पहल की गई है।

'सेल्फी विद रोहिड़ा' अभियान का शुभारंभ

रोहिड़ा के संरक्षण, संवर्धन और आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘सेल्फी विद रोहिड़ा’ अभियान का शुभारंभ किया गया है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य

उप वन संरक्षक जी. वेंकटेश ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल सेल्फी प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है।

इसका लक्ष्य 'रोहिड़ा को जानें, रोहिड़ा को पहचानें और रोहिड़ा को बचाएं' की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।

इस अभियान के माध्यम से नई पीढ़ी को जिले की इस विशिष्ट वनस्पति प्रजाति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, रोहिड़ा को बीकानेर की पर्यावरणीय पहचान और गौरव के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है।

अभियान में कैसे लें भाग?

उप वन संरक्षक ने बताया कि अभियान के तहत जिले का कोई भी नागरिक इसमें भाग ले सकता है।

प्रतिभागियों को ऐसे रोहिड़ा वृक्ष के साथ सेल्फी लेनी होगी, जो विशेषताओं से युक्त हो।

इनमें पुराने एवं ऐतिहासिक महत्व वाले वृक्ष अथवा प्राकृतिक रूप से विशिष्ट आकार-प्रकार और पहचान वाले रोहिड़ा वृक्ष शामिल हैं।

डिजिटल रिकॉर्ड होगा तैयार

प्रतिभागी अपनी सेल्फी के साथ निर्धारित जानकारी को दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे।

इससे जिले में मौजूद महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट रोहिड़ा वृक्षों की पहचान होगी। इसके साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान

अभियान से विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों, प्रकृति फोटोग्राफरों, ग्रामीणों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रतिभागियों द्वारा साझा की गई तस्वीरों एवं जानकारी के आधार पर जिले के विशिष्ट रोहिड़ा वृक्षों को चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद उनके संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में आगामी कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी।

सोशल मीडिया पर प्रचार

वन विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा।

प्रतिभागी अपनी सेल्फी साझा करते समय #SelfieWithRohida, #RohidaBikaner और #PanchGaurav जैसे हैशटैग का उपयोग कर सकते हैं। इससे अभियान को जन-अभियान का स्वरूप देने में सहयोग मिलेगा।

सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी होंगे सम्मानित

अभियान के दौरान प्राप्त प्रविष्टियों में से सर्वश्रेष्ठ पांच प्रतिभागियों को जिला स्तरीय वन महोत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

गौरतलब है कि रोहिड़ा मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण घटक है तथा स्थानीय परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता और जैव-विविधता की दृष्टि से विशेष महत्ता है।

*Edit with Google AI Studio

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