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क्रिकेट

राजस्थान रॉयल्स 15,660 करोड़ में बिकी: राजस्थान रॉयल्स को मित्तल और पूनावाला ने खरीदा, बड़ी डील

गणपत सिंह मांडोली

लक्ष्मी मित्तल और अदार पूनावाला ने खरीदी राजस्थान रॉयल्स में बड़ी हिस्सेदारी, 15,660 करोड़ की डील।

HIGHLIGHTS

  • लक्ष्मी मित्तल और अदार पूनावाला ने राजस्थान रॉयल्स में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी।
  • यह सौदा करीब 15,660 करोड़ रुपए (1.65 बिलियन डॉलर) में तय हुआ है।
  • डील में आईपीएल टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका और कैरेबियन लीग की टीमें भी शामिल हैं।
  • यह आईपीएल इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सौदा है, जो 2026 तक पूरा होगा।
rajasthan royals sold to mittal and poonawalla ipl deal

जयपुर | आईपीएल की मशहूर टीम राजस्थान रॉयल्स अब नए हाथों में जा रही है। दुनिया के दिग्गज स्टील कारोबारी लक्ष्मी निवास मित्तल और सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला ने मिलकर इस फ्रेंचाइजी को करीब 15,660 करोड़ रुपए में खरीद लिया है। यह सौदा आईपीएल इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी डील मानी जा रही है।

मित्तल परिवार के पास होगी 75% हिस्सेदारी

इस बड़े सौदे के बाद मित्तल परिवार के पास राजस्थान रॉयल्स की लगभग 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। लक्ष्मी निवास मित्तल और उनके बेटे आदित्य मित्तल अब टीम के मुख्य निर्णयकर्ता होंगे।

वहीं, अदार पूनावाला 18 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ टीम के अहम साझेदार बने रहेंगे। उनकी उपस्थिति टीम को एक नई पहचान और मजबूती प्रदान करेगी।

टीम के पुराने प्रमोटर मनोज बडाले और अन्य निवेशकों के पास अब केवल 7 प्रतिशत हिस्सा बचेगा। बडाले टीम के प्रबंधन में अपनी भूमिका जारी रखेंगे।

ग्लोबल ब्रांड बनी राजस्थान रॉयल्स

राजस्थान रॉयल्स अब सिर्फ एक आईपीएल टीम नहीं, बल्कि एक बड़ा ग्लोबल क्रिकेट ब्रांड बन चुकी है। यह सौदा खेल जगत के बढ़ते बाजार को दर्शाता है।

इस डील में दक्षिण अफ्रीका की पार्ल रॉयल्स और कैरेबियन लीग की बारबाडोस रॉयल्स भी शामिल हैं। यानी मित्तल परिवार अब वैश्विक स्तर पर क्रिकेट का विस्तार करेगा।

मित्तल और पूनावाला अब इन अंतरराष्ट्रीय टीमों के मालिकाना हक में भी हिस्सेदार होंगे। इससे रॉयल्स की ब्रांड वैल्यू में भारी उछाल आने की संभावना है।

सितंबर 2026 तक पूरी होगी प्रक्रिया

यह सौदा अभी नियामक मंजूरियों पर टिका है और इसे बीसीसीआई से अनुमति मिलनी बाकी है। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल भी इस पर अपनी मुहर लगाएगी।

अनुमान है कि सभी कानूनी और आधिकारिक प्रक्रियाएं सितंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएंगी। तब तक मौजूदा मैनेजमेंट ही टीम के संचालन को देखेगा।

मनोज बडाले बोर्ड में बने रहकर पुराने और नए मैनेजमेंट के बीच संतुलन बनाने का काम करेंगे। उनका अनुभव टीम के ट्रांजिशन पीरियड में काफी काम आएगा।

"राजस्थान रॉयल्स का यह सौदा क्रिकेट जगत में निवेश के नए आयाम स्थापित करेगा और टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।"

इससे पहले मार्च में एक अमेरिकी बिजनेसमैन ने भी बोली लगाई थी, लेकिन वह सौदा सफल नहीं हो सका। मित्तल परिवार की यह एंट्री आईपीएल के भविष्य के लिए काफी सकारात्मक मानी जा रही है।

यह डील न केवल राजस्थान रॉयल्स के लिए बल्कि पूरे आईपीएल के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी। बड़े कॉर्पोरेट घरानों के आने से टीम की ब्रांड वैल्यू और वित्तीय मजबूती में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।

*Edit with Google AI Studio

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