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राजस्थान

राजस्थान बनेगा चिप हब: राजस्थान बनेगा देश का नया 'सिलिकॉन वैली', भिवाड़ी में चिप क्रांति

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने का खाका खींचा।

HIGHLIGHTS

  • भिवाड़ी में प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर शुरू, सालाना 6 करोड़ चिप का होगा उत्पादन।
  • जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया बनेगा राजस्थान की 'सिलिकॉन वैली' के रूप में विकसित।
  • ट्रिपल-एस फैक्टर (सिलिका, स्किल और सोलर) से प्रदेश में बढ़ेगा निवेश और रोजगार का बड़ा अवसर।
  • 76 हजार करोड़ के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत राजस्थान में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद।
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जयपुर | राजस्थान अब केवल अपनी संस्कृति और पर्यटन ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के लिए भी पहचाना जाएगा। प्रदेश अब सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र बनने की राह पर है।

राजस्थान: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का उभरता सितारा

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में निवेशकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में इस क्षेत्र के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश इस क्षेत्र में निरंतर तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले दो वर्षों में देश में 450 नई फैक्ट्रियों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत एक साल में 75 फैक्ट्रियां स्वीकृत हो चुकी हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना के बजट को भी काफी बढ़ा दिया है।

मंत्री वैष्णव ने कहा कि निवेशक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी यूनिट की स्थापना का लक्ष्य तय करें। इस कार्य में डबल इंजन की सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी।

भिवाड़ी में चिप क्रांति की शुरुआत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो स्वयं सेमीकंडक्टर उत्पादन करते हैं। भिवाड़ी में प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर शुरू हो गया है।

यह विशाल क्लस्टर 50 एकड़ में फैला हुआ है। यहां हर साल लगभग 6 करोड़ चिप का उत्पादन किया जाएगा। यह राजस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

इस क्लस्टर के माध्यम से अब तक 20 कंपनियों से 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजनाएं आकर्षित की जा चुकी हैं। यह क्षेत्र भविष्य की जरूरतों को पूरा करेगा।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सिम से लेकर स्पेस तक और मोबाइल से मिसाइल तक हर क्षेत्र में सेमीकंडक्टर चिप की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।

ट्रिपल-एस फैक्टर: राजस्थान की असली ताकत

राजस्थान का 'ट्रिपल-एस' फैक्टर यानी सिलिका, स्किल और सोलर सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए वरदान साबित होगा। प्रदेश में इस क्षेत्र के लिए एक बेहतर इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने विशेष रूप से राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी लागू की है। इसके अलावा राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी का भी अनुमोदन किया गया है जो उद्योगों को बढ़ावा देती है।

ये नीतियां सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को विशेष प्रोत्साहन देती हैं। राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम-2024 के माध्यम से भी उद्योगों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।

भारत सरकार के सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं को राज्य सरकार अतिरिक्त कैपिटल सब्सिडी प्रदान कर रही है। इससे निवेशकों का उत्साह और अधिक बढ़ गया है।

"भविष्य उन्हीं देशों और राज्यों का होगा जो सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मजबूत क्षमता विकसित करेंगे। राजस्थान इस दौड़ में सबसे आगे रहने के लिए पूरी तरह तैयार है।" - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जोधपुर-पाली-मारवाड़: राजस्थान की अपनी 'सिलिकॉन वैली'

जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र तथा कांकाणी क्षेत्र को विशेष रूप से 'सिलिकॉन वैली ऑफ राजस्थान' के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो गया है।

यहां चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तथा सिस्टम डेवलपमेंट से जुड़ी इकाइयों के लिए एकीकृत औद्योगिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। यह एक बड़ा तकनीकी हब बनेगा।

राज्य का बड़ा हिस्सा दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है। भिवाड़ी, नीमराणा और कोटपुतली जैसे औद्योगिक क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के काफी निकट स्थित हैं।

इससे उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत सप्लाई चेन और तेज परिवहन सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध होती हैं। निवेशकों के लिए यह एक आदर्श भौगोलिक स्थिति है।

डिजिटल युग का नया आधार: सेमीकंडक्टर

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि डिजिटल युग में सेमीकंडक्टर वैश्विक शक्ति संतुलन का आधार है। यह आज के समय की सबसे बड़ी ताकत है।

जिस प्रकार औद्योगिक युग में तेल और परमाणु युग में यूरेनियम रणनीतिक शक्ति थे, उसी प्रकार आज सेमीकंडक्टर डिजिटल एज की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत बन चुका है।

प्रधानमंत्री मोदी के विजन के तहत शुरू किया गया इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन आज मिशन मोड में है। राजस्थान इस मिशन के लिए सबसे उपयुक्त राज्यों में से एक है।

कोविड काल के दौरान सप्लाई चेन बाधित होने के बाद पूरी दुनिया ने आत्मनिर्भरता को समझा। अब राजस्थान इस आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग कर रहा है।

नीतियों का सहारा और निवेशकों को आमंत्रण

राज्य सरकार बिजली शुल्क छूट, स्टांप ड्यूटी राहत और पूंजीगत सब्सिडी जैसे लाभ दे रही है। 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश पर कस्टमाइज्ड पैकेज भी उपलब्ध है।

सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। परियोजना स्वीकृति से लेकर भूमि आवंटन तक की सभी प्रक्रियाएं अब पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होती हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों और उद्यमियों को राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य राज्य को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र इस लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। सरकार निवेशकों की हर समस्या का समाधान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

भविष्य की राह और रोजगार के अवसर

इस क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना से बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन भी होगा। युवाओं के लिए चिप डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में नए करियर विकल्प खुलेंगे।

राजस्थान अब केवल एक राज्य नहीं, बल्कि एक ग्लोबल टेक डेस्टिनेशन बनने की दिशा में अग्रसर है। आने वाले वर्षों में यहां की चिप दुनिया भर में इस्तेमाल होगी।

संवाद कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने राजस्थान की नई औद्योगिक नीतियों और सरकार की सक्रियता की सराहना की।

अंततः, राजस्थान का यह नया अवतार न केवल प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारेगा, बल्कि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर एक मजबूत स्थिति में खड़ा कर देगा।

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