टोंक | भारत और आयरलैंड के बीच खेले गए पहले टी20 मैच में एक भारतीय मूल के खिलाड़ी ने ही टीम इंडिया की हार की कहानी लिख दी। राजस्थान के टोंक के रहने वाले तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने आयरलैंड के लिए अपना डेब्यू करते हुए भारत के खिलाफ ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई।
टोंक के लड़के ने भारत को हराया!: टोंक के जय मूंदड़ा का कहर, आयरलैंड से खेलते हुए भारत को हराया
राजस्थान के टोंक के जय मूंदड़ा ने आयरलैंड से खेलते हुए भारत को हराया, संजू सैमसन को पहली गेंद पर आउट किया।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान के जय मूंदड़ा ने आयरलैंड से खेलते हुए भारत को हराया।
- अपने डेब्यू मैच की पहली ही गेंद पर संजू सैमसन का विकेट लिया।
- जय ने 4 ओवर में 25 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
- जय मूंदड़ा स्टूडेंट वीजा पर आयरलैंड गए थे और इंटेल में काम करते हैं।
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डेब्यू मैच में भारतीय बल्लेबाजों को किया पस्त
जय मूंदड़ा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का शानदार आगाज किया। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर भारत के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। इस शुरुआती झटके से भारतीय टीम उबर भी नहीं पाई थी।
सैमसन के आउट होने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। हालांकि, शिवम दुबे ने कुछ देर के लिए पारी को संभालने की कोशिश की और टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा।
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जब ऐसा लग रहा था कि दुबे भारत को मैच में वापस ला सकते हैं, तभी जय मूंदड़ा ने एक बार फिर अपनी गेंदबाजी का कमाल दिखाया। उन्होंने शिवम दुबे को भी आउट कर भारत की जीत की आखिरी उम्मीद पर पानी फेर दिया।
बुमराह से मिली थी प्रेरणा
जय ने अपने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को दिया। मैच के बाद उन्होंने बुमराह के साथ हुई अपनी पुरानी मुलाकात को याद किया।
जय ने कहा, 'पिछली बार जब बुमराह भाई आयरलैंड दौरे पर आए थे, तब मैं नेट्स में गेंदबाजी कर रहा था। उस समय बुमराह भाई से हुई बातचीत से मुझे बहुत मदद मिली। आगे जब भी मौका मिलेगा, मैं उनसे और टिप्स लूंगा।'
यह बातचीत जय के लिए काफी प्रेरणादायक साबित हुई, जिसका असर उनके डेब्यू प्रदर्शन में साफ तौर पर देखने को मिला।
टोंक से डबलिन तक का सफर
जय मूंदड़ा का क्रिकेट का सफर काफी दिलचस्प रहा है। उनका परिवार आज भी राजस्थान के टोंक जिले में रहता है। जय खुद राजस्थान के लिए अंडर-14 क्रिकेट खेल चुके हैं।
वह स्टूडेंट वीजा पर एम.टेक की पढ़ाई करने के लिए आयरलैंड गए थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें वहां की प्रतिष्ठित कंपनी इंटेल (Intel) में नौकरी मिल गई।
नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपने क्रिकेट के जुनून को भी जिंदा रखा। उन्होंने क्लब क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और 2023 में अपनी टीम को 'आयरलैंड सीनियर कप' का खिताब जिताया।
उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें हाल ही में आयरलैंड की नागरिकता मिली और राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई। दिलचस्प बात यह है कि उनके चचेरे भाई अजय मूंदड़ा स्वीडन के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हैं।
यह जीत न केवल आयरलैंड के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि यह जय मूंदड़ा जैसे खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है, जो पढ़ाई और नौकरी के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए दूसरे देश में मेहनत कर रहे हैं।
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