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राजकोट लूटकांड के 4 आरोपी सिरोही में पकड़े: गुजरात में कर्मचारी की हत्या कर सोना-चांदी लूटने वाले 4 आरोपी सिरोही में पकड़े, ₹1.55 करोड़ का माल बरामद

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राजकोट में आभूषण निर्माण कंपनी के कर्मचारी की गोली मारकर हत्या और करीब ₹1.55 करोड़ का सोना-चांदी लूटने के मामले में पिण्डवाड़ा पुलिस ने उत्तर प्रदेश नंबर की कार से भाग रहे 4 संदिग्धों को पकड़ा। उनसे मिली सूचना पर उदयपुर की सुखेर पुलिस ने दूसरी कार में सवार 2 लोगों को पकड़कर 946 ग्राम सोना और 2.870 किलो चांदी का पाउडर बरामद किया।

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HIGHLIGHTS

  • राजकोट में आभूषण कंपनी के कर्मचारी की गोली मारकर हत्या और लूट का मामला।पिण्डवाड़ा पुलिस ने उत्तर प्रदेश नंबर की कार से भाग रहे 4 संदिग्धों को पकड़ा।उदयपुर की सुखेर पुलिस ने दूसरी कार में सवार 2 लोगों को दस्तयाब किया।946 ग्राम रिफाइंड सोना और 2.870 किलो चांदी का पाउडर बरामद।बरामद सोना-चांदी की कुल अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ 55 लाख 7 हजार बताई गई।अन्य 3 संदिग्धों और कथित हथियार की जानकारी गुजरात अपराध शाखा को दी गई।

सिरोही/पिण्डवाड़ा। गुजरात के राजकोट शहर में आभूषण निर्माण कंपनी के कर्मचारी की गोली मारकर हत्या करने और करीब ₹1.55 करोड़ का सोना-चांदी लूटने के मामले में सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा थाना पुलिस ने 4 संदिग्धों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, चारों उत्तर प्रदेश नंबर की कार से भाग रहे थे। उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने दूसरी कार में सवार 2 अन्य संदिग्धों को दस्तयाब कर लूटा गया सोना-चांदी बरामद किया।

पुलिस ने वारदात में कथित रूप से शामिल 3 अन्य लोगों के ठिकाने और वारदात में इस्तेमाल बताए जा रहे हथियार के संबंध में गुजरात अपराध शाखा को सूचना दी है। मामले की मूल जांच गुजरात पुलिस कर रही है।

राजकोट में कर्मचारी को गोली मारकर लूट का आरोप

पुलिस के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 की शाम राजकोट शहर के आजी जीआईडीसी क्षेत्र में स्थित आभूषण निर्माण फर्म तन्वी एक्सपोर्ट इंडिया लिमिटेड का कर्मचारी लालजीभाई सरधारा कंपनी के सुरक्षा गार्ड के साथ रिफाइनरी से रिफाइंड सोना-चांदी लेने गया था।

शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच लालजीभाई सोना-चांदी से भरा थैला लेकर रिफाइनरी के गेट से बाहर निकले। इसी दौरान 2 लोगों ने कथित रूप से उनका थैला छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर हाथापाई हुई और एक हमलावर ने लालजीभाई पर गोली चला दी।

गोली लगने से लालजीभाई घायल होकर गिर गए। इसके बाद हमलावर थैला लेकर वहां खड़ी मरून रंग की टाटा टिगोर कार में बैठकर भाग गए। कार में पहले से 2 अन्य व्यक्ति मौजूद बताए गए। घायल कर्मचारी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

राजकोट के थोराला थाने में दर्ज हुआ मामला

घटना के बाद फर्म के भागीदार की शिकायत पर राजकोट के थोराला पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 309(4), 309(6) और 3(5), आयुध अधिनियम की धारा 25(1-बी)(ए) तथा गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135(1) के तहत मामला दर्ज किया गया।

वारदात की सूचना राजस्थान पुलिस को भी दी गई। सिरोही जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष को बताया गया कि हत्या और लूट में कथित रूप से शामिल 4 से 5 लोग उत्तर प्रदेश नंबर की टाटा टिगोर कार से हथियारों सहित राजस्थान की ओर भाग रहे हैं।

जनापुर चौराहे पर पिण्डवाड़ा पुलिस ने की नाकाबंदी

सूचना मिलने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेय सिंह राठौड़ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार के निर्देशन में पिण्डवाड़ा वृत्ताधिकारी राहुल कुमार मीणा के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की गई। पिण्डवाड़ा थानाधिकारी पुलिस निरीक्षक चैलसिंह ने पुलिस टीम और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ जनापुर चौराहे पर नाकाबंदी की।

इसी दौरान आबूरोड की तरफ से टाटा टिगोर कार संख्या यूपी-80-एफएम-7471 आती दिखाई दी। पुलिस ने चालक को कार रोकने का संकेत दिया, लेकिन वह कथित रूप से वाहन भगाने लगा। पुलिस ने पीछा कर कार को रुकवा लिया।

कार रुकते ही चालक मौके से भाग गया, जबकि उसमें सवार 3 लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस उन्हें पिण्डवाड़ा थाने लेकर आई और पूछताछ शुरू की।

पुलिस ने 3 संदिग्धों से की पूछताछ

पुलिस के अनुसार, कार में मिले लोगों ने अपने नाम विशालसिंह, शिवम गुप्ता और अनुरागसिंह बताए। उन्होंने फरार चालक की पहचान अश्विनीसिंह उर्फ लंकेश के रूप में बताई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान राजकोट की वारदात से जुड़ी जानकारी सामने आई।

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि लूटा गया सोना-चांदी कथित रूप से शिवम पाण्डेय उर्फ आसु चतुर्वेदी और अजीत पाण्डेय उर्फ लालू के पास है। दोनों किया सोनेट कार संख्या यूपी-65-एफवी-2223 से उदयपुर की ओर निकले थे।

उदयपुर पुलिस ने दूसरी कार को पकड़ा

पिण्डवाड़ा पुलिस ने सिरोही पुलिस नियंत्रण कक्ष के माध्यम से उदयपुर पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी को भी संदिग्ध कार का नंबर और अन्य विवरण उपलब्ध कराया गया।

सूचना मिलने के बाद सुखेर थाना पुलिस ने घेराबंदी कर संबंधित कार को पकड़ लिया। पुलिस ने उसमें सवार शिवम पाण्डेय उर्फ आसु चतुर्वेदी और अजीत पाण्डेय उर्फ लालू को दस्तयाब किया। उनके पास से वारदात में लूटा गया बताया जा रहा सोना और चांदी का पाउडर बरामद किया गया।

निजी बस से पकड़ा गया फरार चालक

जनापुर चौराहे पर कार छोड़कर भागे चालक अश्विनीसिंह उर्फ लंकेश की तलाश के लिए पिण्डवाड़ा पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर निगरानी शुरू की। पुलिस ने उसे झाड़ोली बाइपास पर एक निजी बस से दस्तयाब कर लिया। इसके बाद उसे पिण्डवाड़ा थाने लाकर पूछताछ की गई।

पुलिस के अनुसार, अश्विनीसिंह से पूछताछ में नीरज त्रिपाठी, पवन पण्डित और वेदान्त पण्डित नाम के 3 अन्य संदिग्धों की जानकारी मिली। उनके राजकोट के पास चोटिला माता मंदिर क्षेत्र स्थित एक अतिथि गृह में ठहरे होने और कथित हथियार उनके पास होने की सूचना गुजरात अपराध शाखा को दी गई।

₹1 करोड़ 55 लाख 7 हजार का माल बरामद

पुलिस के अनुसार, उदयपुर में पकड़ी गई कार से लगभग 946 ग्राम रिफाइंड सोना और 2.870 किलोग्राम चांदी का पाउडर बरामद हुआ। बरामद माल की कुल अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ 55 लाख 7 हजार बताई गई है।

  • रिफाइंड सोना: लगभग 946 ग्राम, अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ 48 लाख 90 हजार।
  • चांदी का पाउडर: लगभग 2.870 किलोग्राम, अनुमानित कीमत ₹6 लाख 17 हजार।
  • कुल अनुमानित कीमत: ₹1 करोड़ 55 लाख 7 हजार।

सिरोही में पकड़े गए 4 संदिग्ध

पुलिस के अनुसार, पिण्डवाड़ा थाना पुलिस ने विशालसिंह (23), शिवम गुप्ता (18), अनुरागसिंह (21) और अश्विनीसिंह उर्फ लंकेश (27) को दस्तयाब किया है। चारों उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और चंदौली जिलों के रहने वाले बताए गए हैं।

इनसे मिली जानकारी के आधार पर उदयपुर पुलिस ने शिवम पाण्डेय उर्फ आसु चतुर्वेदी और अजीत पाण्डेय उर्फ लालू को पकड़ा। आरोपियों की गिरफ्तारी, ट्रांजिट प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई गुजरात पुलिस की जांच के अनुसार की जाएगी।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

कार्रवाई में पिण्डवाड़ा वृत्ताधिकारी राहुल कुमार मीणा, पिण्डवाड़ा थानाधिकारी पुलिस निरीक्षक चैलसिंह और स्वरूपगंज थानाधिकारी पुलिस निरीक्षक कमलेश गहलोत की भूमिका रही।

पिण्डवाड़ा पुलिस टीम में सहायक उपनिरीक्षक छगनलाल, कांस्टेबल फतेहदान, चालक कांस्टेबल कल्याणसिंह, कांस्टेबल शैतानराम, लोकेश कुमार, अभयसिंह, गणपत, प्रकाश कुमार तथा पिण्डवाड़ा वृत्त कार्यालय के चालक कांस्टेबल देवीसिंह शामिल रहे। पुलिस विभाग के अनुसार, सहायक उपनिरीक्षक छगनलाल, कांस्टेबल फतेहदान और चालक कांस्टेबल कल्याणसिंह की कार्रवाई में विशेष भूमिका रही।

नोट: संदिग्धों की भूमिका, बरामद माल का वारदात से संबंध और पुलिस के अन्य दावे जांच के अधीन हैं। पुलिस के समक्ष दिया गया कथित बयान अपने आप में दोष सिद्धि नहीं है। अदालत में आरोप प्रमाणित होने तक संबंधित व्यक्तियों को दोषी नहीं माना जा सकता।

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