दिल्ली | बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी पचड़ों में घिरते नजर आ रहे हैं। उनके खिलाफ चल रहा 15 साल पुराना चैक बाउंस का मामला अभी भी सुलझने का नाम नहीं ले रहा है।
हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से मामला सुलझाने का मौका दिया था, लेकिन अंत में बात नहीं बन पाई।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह का समझौता नहीं हो पाया है। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
राजपाल यादव ने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। वे कोर्ट के हर आदेश का सम्मान करेंगे और उसका पूरी तरह पालन करेंगे।
राजपाल यादव का चैक बाउंस केस: राजपाल यादव की बढ़ी मुश्किलें: 5 करोड़ के चैक बाउंस केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, जेल भी जा चुके हैं एक्टर
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव का 15 साल पुराना चैक बाउंस विवाद एक बार फिर चर्चा में है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच समझौता न होने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
HIGHLIGHTS
- राजपाल यादव ने 2012 की फिल्म 'अता पता लापता' के लिए 5 करोड़ का लोन लिया था।
- फिल्म फ्लॉप होने के बाद दिए गए 7 चैक बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा।
- 2018 में दोषी करार दिए जाने के बाद राजपाल यादव तिहाड़ जेल में सजा काट चुके हैं।
- दिल्ली हाईकोर्ट में हालिया सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में कोई समझौता नहीं हो सका।
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क्या है यह पूरा विवाद?
यह मामला साल 2010-11 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने की तैयारी शुरू की थी। इस फिल्म को उन्होंने खुद ही डायरेक्ट किया था।
फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने 'मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही।
फिल्म के फ्लॉप होने से राजपाल यादव को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने कंपनी को 7 चैक दिए थे, जो बैंक में अपर्याप्त राशि के कारण बाउंस हो गए।
जेल की हवा भी खा चुके हैं एक्टर
चैक बाउंस होने के बाद मामला अदालत की चौखट तक पहुंचा। साल 2018 में कोर्ट ने राजपाल यादव को धारा 138 के तहत दोषी करार दिया था और सजा सुनाई थी।
दोषी पाए जाने के बाद उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा था। राजपाल यादव ने वहां कुछ समय सजा के तौर पर बिताया और फिर जमानत पर बाहर आए थे।
जेल से बाहर आने के बाद भी यह विवाद खत्म नहीं हुआ। लेनदार कंपनी अपने पैसे वापस चाहती है, जबकि राजपाल की ओर से समझौते की कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं।
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समझौते की कोशिशें हुईं नाकाम
दिल्ली हाईकोर्ट में हुई हालिया सुनवाई में जज ने दोनों पक्षों से पूछा था कि क्या वे कोर्ट के बाहर समझौता करना चाहते हैं। लेकिन शर्तों पर आपसी सहमति नहीं बन सकी।
राजपाल यादव के वकील और विपक्षी कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच लंबी बहस हुई। अंततः कोर्ट ने पाया कि फिलहाल समझौते की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है और फैसला सुरक्षित कर लिया।
काम पर वापसी और भविष्य की फिल्में
इतने बड़े कानूनी विवाद के बीच भी राजपाल यादव ने अपने काम से ब्रेक नहीं लिया है। वे लगातार फिल्मों की शूटिंग और प्रोजेक्ट्स में व्यस्त चल रहे हैं।
हाल ही में उन्हें अक्षय कुमार की फिल्म 'भूत बंगला' के सेट पर देखा गया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें भी साझा की थीं, जो काफी वायरल हुई थीं।
राजपाल यादव का कहना है कि वे अपनी प्रोफेशनल लाइफ और व्यक्तिगत कानूनी लड़ाई को अलग रखते हैं। वे दर्शकों का मनोरंजन करना और उन्हें हंसाना जारी रखना चाहते हैं।
अब सबकी नजरें दिल्ली हाईकोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हैं। यह फैसला तय करेगा कि राजपाल यादव को राहत मिलेगी या फिर उनकी कानूनी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ेंगी।
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