जयपुर | संसद के बजट सत्र के दौरान वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सांसद राव राजेंद्र सिंह ने सरकार का मजबूती से पक्ष रखा। उन्होंने वैश्विक संकटों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता की सराहना की। राव राजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन की शुरुआत देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों से की। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार ने सीमाओं पर चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए गए, ताकि देश की अखंडता सुरक्षित रहे।
राव राजेंद्र सिंह का संसद में भाषण: संसद में वित्त विधेयक 2026 पर बोले राव राजेंद्र सिंह: आर्थिक प्रगति और शेयर बाजार के खतरों पर सरकार को दी बड़ी चेतावनी
सांसद राव राजेंद्र सिंह ने संसद में वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का पक्ष रखा। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और शेयर बाजार में बढ़ते जुए जैसे खतरों पर गंभीर चिंता जताई।
HIGHLIGHTS
- भारत की विकास दर IMF के 3.3% के वैश्विक अनुमान से दोगुनी रफ्तार से बढ़ रही है।
- 2014 से 2025 के बीच देश में 743 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड विदेशी निवेश (FDI) आया है।
- प्रभावी पूंजीगत व्यय 22% बढ़कर 1,74,523 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा।
- सांसद ने F&O ट्रेडिंग को 'जुआ' बताते हुए डिजिटल ट्रेडिंग ऐप्स पर नियंत्रण की मांग की।
संबंधित खबरें
दुनिया से दोगुनी रफ्तार से बढ़ती अर्थव्यवस्था
सांसद ने सदन में आर्थिक आंकड़े पेश करते हुए विपक्ष को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) भी भारत की विकास दर का लोहा मान रहा है और इसे दुनिया में सबसे तेज बता रहा है। सिंह ने बताया कि जहां वैश्विक विकास दर का अनुमान 3.3% है, वहीं भारत इससे दोगुनी गति से आगे बढ़ रहा है। यह सरकार की सटीक आर्थिक नीतियों और वित्तीय अनुशासन का ही परिणाम है। विदेशी निवेश पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से 2025 के बीच भारत में रिकॉर्ड 743 बिलियन डॉलर का निवेश आया है। यह कुल ऐतिहासिक विदेशी निवेश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा है।
वित्तीय प्रबंधन और विकास के नए आयाम
सरकार के वित्तीय प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए सिंह ने बताया कि पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में 22% की वृद्धि हुई है। अब यह बढ़कर 1,74,523 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने राजस्व घाटे को सफलतापूर्वक कम करने के आंकड़ों को भी सदन के सामने रखा। सरकार ने इसे 99,642 करोड़ रुपये तक सीमित किया है, जो राजकोषीय मजबूती का एक बड़ा प्रमाण है। सिंह ने कहा कि बाहरी कर्ज (External Debt) में कमी आने से देश की साख वैश्विक स्तर पर और मजबूत हुई है। बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
संबंधित खबरें
F&O ट्रेडिंग और डिजिटल ऐप्स पर गंभीर चिंता
अपने भाषण के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से में सांसद ने शेयर बाजार के डेरिवेटिव सेगमेंट (F&O) पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रेडिंग ऐप्स ने इस बाजार को 'जुए' का रूप दे दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि साधारण निवेशक इन ऐप्स के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई लुटा रहे हैं। लोग कर्जदार हो रहे हैं, जो समाज के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। सिंह ने सरकार से आग्रह किया कि सिक्योरिटी ट्रेडिंग टैक्स (STT) और ट्रेडिंग के नियमों पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने आम आदमी के पैसे को बचाने के लिए सख्त नियामक कदमों की आवश्यकता बताई।
दिनकर की कविता से राष्ट्र को संदेश
भाषण का समापन उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की ओजस्वी पंक्तियों से किया। उन्होंने कहा, "सच है विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है। शूरमा नहीं विचलित होते, एक क्षण नहीं धीरज खोते।" इन पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने भारत की अदम्य शक्ति और भविष्य के प्रति विश्वास को प्रदर्शित किया। उनके इस संबोधन की सदन में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर सराहना की।
ताज़ा खबरें
असम चुनाव: चाय बागान में पीएम मोदी का देसी अंदाज, महिला श्रमिकों के साथ सेल्फी और संवाद ने जीता दिल
जयपुर में अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन: 118 सिलेंडर जब्त, 3 टीमों की संयुक्त कार्रवाई
'आदिवासियों पर नक्सली का ठप्पा क्यों?': लोकसभा में सांसद राज कुमार रोत ने उठाए तीखे सवाल, गृह मंत्री से मांगा जवाब
Rajasthan IAS Transfer List: संदेश नायक बने जयपुर के नए कलक्टर, जानें उनके सामने मौजूद 5 बड़ी चुनौतियां