जयपुर | इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में अपने बल्ले से धूम मचाने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने हर किसी का ध्यान खींचा है। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने रिकॉर्ड 776 रन बनाए, लेकिन उनके आक्रामक अंदाज को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह टेस्ट क्रिकेट में सफल हो पाएंगे? अब वैभव ने खुद इस सवाल का जवाब दिया है।
Cricket: IPL का तूफान वैभव सूर्यवंशी खेलेगा टेस्ट? दिया जवाब
IPL 2026 में 776 रन बनाने वाले 15 साल के वैभव ने बताया कि क्या वह लंबे छक्के मारना छोड़ सकते हैं।
HIGHLIGHTS
- IPL 2026 में 15 वर्षीय वैभव ने बनाए रिकॉर्ड 776 रन।
- आक्रामक खेल के बावजूद टेस्ट क्रिकेट खेलने की जताई इच्छा।
- कहा- "कोच की आजादी से टी20 में खुलकर खेलता हूं।"
- पिता के सपने को पूरा करने के लिए रेड बॉल से कर रहे प्रैक्टिस।
संबंधित खबरें
टी20 का तूफान, टेस्ट की तैयारी
वैभव ने इस सीजन में 237.30 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल थे। यह किसी भी अनकैप्ड खिलाड़ी द्वारा एक सीजन में सबसे ज्यादा रन हैं। उनके हर गेंद पर बड़े शॉट खेलने की कोशिश ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
स्टार स्पोर्ट्स पर सुनील गावस्कर और हरभजन सिंह के साथ बातचीत में वैभव ने साफ किया कि उनका सपना टेस्ट क्रिकेट खेलना है और वह इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
कोच देते हैं खुलकर खेलने की आजादी
संबंधित खबरें
अपने आक्रामक खेल पर वैभव ने बताया कि यह उनकी मजबूरी नहीं, बल्कि टीम की रणनीति का हिस्सा है।
"टी20 फॉर्मेट में कोच मुझे पूरी आजादी देते हैं, इसलिए मैं खुलकर खेलता हूं। जहां गेंद मारने लायक लगती है, मैं मारता हूं, कोई मजबूरी नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा कि उनका अगला लक्ष्य 50 ओवर का क्रिकेट है, जहां वह ज्यादा ग्राउंडेड और संयमित शॉट खेलने पर ध्यान देंगे। वैभव ने बताया कि उन्होंने लाल गेंद से काफी अभ्यास किया है, जिसे लोग जल्द ही मैदान पर देखेंगे।
पिता का सपना है टेस्ट क्रिकेट
वैभव के लिए टेस्ट क्रिकेट सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं, बल्कि उनके पिता का सपना है। उन्होंने बताया, "मेरे पिता हमेशा कहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट ही असली क्रिकेट है।" इसी वजह से वह इस फॉर्मेट में खुद को साबित करना चाहते हैं।
उन्होंने माना कि रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा, लेकिन तब वह बहुत छोटे थे। उन्होंने कहा, "मैं तब बहुत छोटा था, इसलिए वो मेरे लिए चुनौती भरा अनुभव रहा। अब मैं अपनी गेम के उस हिस्से पर लगातार काम कर रहा हूं।"
गौरतलब है कि वैभव ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रनों की पारी खेलकर दुनिया को अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
हालांकि, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके आंकड़े अभी साधारण हैं। उन्होंने 8 मैचों में सिर्फ 207 रन बनाए हैं। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि यह आंकड़े तब के हैं जब वह सिर्फ 13-14 साल के थे।
अब जब वैभव ने अपनी प्रतिभा और परिपक्वता दोनों का प्रदर्शन किया है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि वह टी20 की सफलता को क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में कैसे बदलते हैं। उनका यह सफर भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए काफी अहम हो सकता है।
*Edit with Google AI Studio