जयपुर | दिल्ली में एनएसयूआइ कार्यकर्ता रितु बराला के साथ महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट के मामले में राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। मामले में जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।
रितु बराला केस में कांग्रेस का धरना: रितु बराला मामले में जीरो FIR पर अड़ी कांग्रेस
दिल्ली में एनएसयूआई कार्यकर्ता रितु बराला के साथ हुई मारपीट मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में रातभर धरना दिया।
HIGHLIGHTS
- एनएसयूआई कार्यकर्ता रितु बराला मामले में जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग।
- गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक गहलोत रातभर पुलिस कमिश्नरेट में धरने पर बैठे रहे।
- कांग्रेस नेताओं ने बीएनएसएस की धारा 173(1) के तहत कानूनी अधिकार का दिया हवाला।
- एफआईआर दर्ज न होने पर विधायक रफीक खान ने पूरे राजस्थान में आंदोलन की दी चेतावनी।
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एफआईआर दर्ज नहीं होने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पुलिस कमिश्नरेट में रातभर धरने पर बैठे रहे।
मोती डूंगरी थाने से कमिश्नरेट तक रुख
कांग्रेस की कानूनी टीम और नेता रितु बराला के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने पहले मोती डूंगरी थाने पहुंचे थे।
थाने में दस्तावेज स्वीकार कर हस्ताक्षर सहित प्रति दी गई, लेकिन थाना प्रभारी ने औपचारिक एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया।
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इसके बाद नेताओं को एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस आयुक्त से संपर्क करने को कहा गया, जिसके बाद वे कमिश्नरेट पहुंचे।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त से मुलाकात
पुलिस कमिश्नर के मौजूद न होने पर कांग्रेस नेताओं की मुलाकात अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रामेश्वर सिंह से हुई।
नेताओं ने उन्हें बीएनएसएस की धारा 173(1) का हवाला देते हुए जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग रखी।
कांग्रेस नेताओं को कमरा नंबर नौ में इंतजार करने के लिए कहा गया और बताया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद जवाब देंगे।
गोविंद सिंह डोटासरा और पवन खेड़ा के सवाल
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस नेता धरना देने के इरादे से नहीं, बल्कि पुलिस के निर्देशों के अनुसार यहां बैठे हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर पुलिस किससे सलाह-मशविरा कर रही है? अमित शाह से, दिल्ली पुलिस कमिश्नर से, भजनलाल शर्मा से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से या फिर भगवान से?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बीएनएसएस धारा 173(1) के तहत संज्ञेय अपराध की सूचना दर्ज कराने का प्रावधान होने के बावजूद पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही।
हाईकोर्ट से संज्ञान लेने की अपील और आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान ने कहा कि कांग्रेस किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रही, बल्कि अपने कानूनी अधिकार का इस्तेमाल करना चाहती है।
रफीक खान ने हाईकोर्ट से मामले का संज्ञान लेने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो कांग्रेस पूरे राजस्थान में आंदोलन करेगी।
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