नई दिल्ली | भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में नेतृत्व के स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार की अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (ACC) ने रोहित जैन को नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है।
आरबीआई के नए डिप्टी गवर्नर रोहित जैन: RBI के नए डिप्टी गवर्नर बने रोहित जैन, 3 साल का होगा कार्यकाल
रोहित जैन आरबीआई के नए डिप्टी गवर्नर नियुक्त, टी रबी शंकर की जगह लेंगे और 3 साल तक पद संभालेंगे।
HIGHLIGHTS
- रोहित जैन को 3 साल के लिए आरबीआई का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है।
- वह टी रबी शंकर की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है।
- जैन दिसंबर 2020 से आरबीआई में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत थे।
- उनके पास बैंकिंग सुपरविजन और रिस्क मैनेजमेंट में 30 साल का अनुभव है।
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रोहित जैन की यह नियुक्ति आगामी तीन वर्षों के लिए की गई है। उनकी नई जिम्मेदारी 3 मई या उसके बाद से प्रभावी मानी जाएगी। वह वर्तमान डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर का स्थान लेंगे।
टी रबी शंकर का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। रोहित जैन इससे पहले दिसंबर 2020 से आरबीआई में कार्यकारी निदेशक (ED) के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे थे।
बैंकिंग क्षेत्र में तीन दशकों का लंबा अनुभव
रोहित जैन के पास रिजर्व बैंक में काम करने का लगभग 30 साल का व्यापक अनुभव है। उन्होंने अपने करियर के दौरान सुपरविजन और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट जैसे कई विभागों को संभाला है।
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कार्यकारी निदेशक के रूप में जैन ने सुपरविजन विभाग की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। इसमें रिस्क, एनालिटिक्स और वल्नरेबिलिटी असेसमेंट जैसे जटिल विषय शामिल थे। उनकी विशेषज्ञता बैंकिंग रिस्क में मानी जाती है।
केंद्र सरकार ने पिछले महीने इस पद के लिए चार कार्यकारी निदेशकों का इंटरव्यू लिया था। गहन विचार-विमर्श के बाद चयन समिति ने रोहित जैन के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाई है।
शैक्षणिक योग्यता और प्रोफेशनल स्किल
रोहित जैन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत है। उन्होंने कॉमर्स में मास्टर डिग्री (M.Com) और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए किया है। वह बैंकिंग और रेगुलेशन के अंतरराष्ट्रीय स्तर के जानकार हैं।
उनके पास बैंकिंग रिस्क और रेगुलेशन में इंटरनेशनल सर्टिफिकेट (ICRR) है। साथ ही वह सर्टिफाइड एसोसिएट ऑफ द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (CAIIB) और एक सर्टिफाइड बैंक ट्रेनर भी हैं।
आरबीआई में डिप्टी गवर्नर की संरचना
रिजर्व बैंक के ढांचे में कुल चार डिप्टी गवर्नर होते हैं। नियम के अनुसार, इनमें से दो अधिकारियों की नियुक्ति बैंक के अंदरूनी रैंक से पदोन्नति (प्रमोशन) के जरिए की जाती है।
रोहित जैन के साथ एस सी मुर्मू दूसरे ऐसे डिप्टी गवर्नर हैं, जिन्हें बैंक के भीतर से प्रमोट किया गया है। अन्य दो पदों पर बाहरी क्षेत्रों के विशेषज्ञ नियुक्त किए जाते हैं।
"आरबीआई जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में आंतरिक नेतृत्व को प्राथमिकता देना बैंकिंग प्रणाली की निरंतरता और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए एक सराहनीय कदम है।"
भविष्य की चुनौतियां और पोर्टफोलियो
रोहित जैन को टी रबी शंकर के कुछ बेहद महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार मिल सकता है। इनमें फाइनेंशियल मार्केट रेगुलेशन और पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम जैसे विभाग शामिल होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, फॉरेन एक्सचेंज विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी जा सकती है। आरबीआई जल्द ही आधिकारिक तौर पर उनके विस्तृत पोर्टफोलियो की घोषणा करेगा, जिससे उनकी भूमिका और स्पष्ट होगी।
रोहित जैन की नियुक्ति भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उनके अनुभव से डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग सुरक्षा के क्षेत्र में नए सुधार देखने को मिल सकते हैं।
निष्कर्षतः, यह बदलाव रिजर्व बैंक की कार्यप्रणाली को नई दिशा देने में सहायक होगा। जैन की विशेषज्ञता आगामी वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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