चंडीगढ़ | भारतीय कुश्ती के गलियारों में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। ओलिंपियन पहलवान साक्षी मलिक अब विनेश फोगाट के समर्थन में खुलकर सामने आ गई हैं। उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
विनेश के समर्थन में उतरीं साक्षी मलिक: विनेश फोगाट के समर्थन में उतरीं साक्षी मलिक, WFI को घेरा
साक्षी मलिक ने विनेश फोगाट की वापसी के लिए पीएम मोदी और खेल मंत्री से ट्रायल की मांग की है।
HIGHLIGHTS
- साक्षी मलिक ने विनेश फोगाट के समर्थन में सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया।
- WFI पर विनेश की वापसी रोकने के लिए जानबूझकर कड़े नियम बनाने का आरोप लगाया।
- विनेश फोगाट को डोपिंग एजेंसी ITA ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
- WFI ने विनेश पर 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने पर प्रतिबंध लगाया है।
संबंधित खबरें
साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने विनेश फोगाट के साथ हो रहे व्यवहार को अनुचित बताया है। साक्षी का मानना है कि विनेश की वापसी में महासंघ रोड़े अटका रहा है।
साक्षी मलिक का WFI पर बड़ा प्रहार
साक्षी मलिक ने वीडियो में अंतरराष्ट्रीय स्तर के उदाहरण दिए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों की स्पोर्ट्स फेडरेशन अपने खिलाड़ियों के लिए नियम सरल बनाती हैं। इसका उद्देश्य महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना होता है।
उन्होंने आगे कहा कि विदेशों में महिलाएं मां बनने के बाद भी वापसी कर सकती हैं। वे देश के लिए मेडल जीतती हैं क्योंकि उन्हें फेडरेशन का साथ मिलता है। लेकिन भारत में स्थिति इसके ठीक विपरीत नजर आ रही है।
संबंधित खबरें
साक्षी ने आरोप लगाया कि WFI ने विनेश की वापसी को रोकने के लिए अचानक नए नियम लागू कर दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने की पुरजोर अपील की है।
मेरा प्रधानमंत्री, खेलमंत्री और रेस्लिंग फेडरेशन से अनुरोध है कि विनेश का ट्रायल लिया जाए। इससे वह देश के लिए मेडल जीत सकें। हमें ऐसा उदाहरण स्थापित करना चाहिए कि महिलाएं मां बनने के बाद भी खेल सकती हैं।
विनेश फोगाट और WFI विवाद की पूरी टाइमलाइन
विनेश फोगाट और कुश्ती महासंघ के बीच विवाद की जड़ें काफी गहरी हैं। इस ताजा विवाद की शुरुआत 4 मई को हुई। तब इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने विनेश को एक नोटिस जारी किया था।
यह नोटिस डोपिंग टेस्ट में शामिल न होने के कारण भेजा गया था। एजेंसी का कहना था कि विनेश 18 दिसंबर को बेंगलुरु में उपलब्ध नहीं थीं। विनेश को इस नोटिस का जवाब 7 मई तक देना था।
विनेश फोगाट ने इस पर अपनी सफाई भी पेश की थी। उन्होंने कहा कि वह 19 जनवरी को ही एजेंसी को सूचित कर चुकी थीं। वह विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए यात्रा कर रही थीं।
WFI का कड़ा फैसला और 26 जून तक का बैन
विनेश की सफाई के बावजूद 9 मई को WFI ने उन्हें कारण बताओ नोटिस थमा दिया। महासंघ ने आरोप लगाया कि विनेश ने संन्यास से वापसी के नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने छह महीने पहले सूचना नहीं दी थी।
इसी आधार पर महासंघ ने विनेश पर 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने पर रोक लगा दी। विनेश ने इस नोटिस का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि महासंघ ने उनकी छुट्टियों का गलत अर्थ निकाला है।
विनेश का दावा है कि उनके पास खेलने के लिए जरूरी अनुमतियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ITA ने उन्हें 1 जनवरी से ही खेलने की अनुमति दे दी थी। वह महासंघ को सभी सबूतों के साथ जवाब देने को तैयार हैं।
गोंडा में टूर्नामेंट और खेलने से इनकार
विवाद तब और बढ़ गया जब विनेश 11 मई को उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंचीं। वहां ओपन कुश्ती टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा था। विनेश ने आरोप लगाया कि उन्हें वहां अभ्यास करने से रोका गया।
विनेश के अनुसार, उन्हें अपना नाम लिस्ट में चेक करने की अनुमति भी नहीं मिली। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा किया। उन्होंने कहा कि वह केवल अन्य पहलवानों की तरह समान अवसर की मांग कर रही हैं।
दूसरी ओर, WFI ने एक प्रेस रिलीज जारी कर इन आरोपों को गलत बताया। महासंघ का कहना है कि विनेश को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। नियमों के तहत वह उस प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं बन सकती थीं।
साक्षी मलिक के समर्थन के बाद यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले चुका है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि विनेश को जल्द ही निष्पक्ष ट्रायल का मौका मिलेगा। इससे भारतीय कुश्ती का भविष्य तय होगा।
*Edit with Google AI Studio