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राजनीति

सिरोही: हत्या की कथित साजिश का खुलासा, लेकिन सिरोही भाजपा में खामोशी! शिष्टाचार पर उठे सवाल

गणपत सिंह मांडोली

सिरोही में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की कथित साजिश के खुलासे के बाद सियासत गरमा गई है। पुलिस ने लॉरेंस गैंग के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है।

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HIGHLIGHTS

  • पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की कथित साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है।
  • लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े दो इनामी शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया गया है।
  • आरोपियों के मोबाइल से लोढ़ा की तस्वीरें और फार्म हाउस की रेकी के सबूत मिले हैं।
  • गंभीर मामले पर सिरोही भाजपा नेताओं की चुप्पी ने राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सिरोही | पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाए जाने की कथित साजिश के खुलासे के बाद सिरोही की सियासत में एक नया सवाल खड़ा हो गया है—क्या राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनप्रतिनिधि की सुरक्षा के मुद्दे पर भी एकजुटता नहीं दिखाई जा सकती?

राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और जोधपुर पुलिस की कार्रवाई में लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग से कथित रूप से जुड़े दो इनामी शार्पशूटर गिरफ्तार किए गए। पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल से लोढ़ा की तस्वीरें मिलीं और सिरोही स्थित उनके फार्म हाउस की कई दिनों तक रेकी किए जाने की जानकारी सामने आई। आरोपियों की निशानदेही पर हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई। दोनों नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए मामले की गहन जांच और साजिश में शामिल लोगों तक पहुंचने की मांग की। 

इधर, सिरोही जिले के भाजपा नेताओं की कथित चुप्पी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि इतनी गंभीर घटना सामने आने के बाद जिले के किसी भाजपा नेता की ओर से सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया या चिंता क्यों नहीं जताई गई?

राजनीति में वैचारिक और राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन जब मामला किसी पूर्व जनप्रतिनिधि की सुरक्षा से जुड़ा हो, तो क्या मानवीय संवेदना और शिष्टाचार की अपेक्षा नहीं की जा सकती?

अब सिरोही में चर्चा इस बात की है कि क्या राजनीतिक विरोध की सीमाएं इतनी बढ़ गई हैं कि गंभीर सुरक्षा मामलों में भी सार्वजनिक संवेदना व्यक्त करने से नेता पीछे हट रहे हैं? हालांकि संबंधित भाजपा नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया नहीं आने का कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है।

*Edit with Google AI Studio

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