अहमदाबाद | गुजरात की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला की कांग्रेस में वापसी की चर्चाएं अब तेज हो गई हैं।
वाघेला की कांग्रेस में वापसी: शंकरसिंह वाघेला की कांग्रेस में वापसी की तैयारी, राहुल गांधी से होगी मुलाकात
पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला 10 साल बाद कांग्रेस में लौट सकते हैं। उन्होंने भाजपा को हराने के लिए बिना किसी पद की इच्छा के पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई है। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इसकी औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।
HIGHLIGHTS
- पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला की 10 साल बाद कांग्रेस में वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- वाघेला ने भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई है।
- राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उनकी वापसी की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
- वाघेला ने स्पष्ट किया है कि उन्हें पार्टी में किसी पद की लालसा नहीं है।
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शीर्ष नेतृत्व से उच्च स्तरीय बातचीत
कांग्रेस छोड़ने के करीब एक दशक बाद वाघेला फिर से पार्टी का हाथ थाम सकते हैं। उनकी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से वापसी को लेकर बातचीत चल रही है।
वाघेला ने स्वयं पुष्टि की है कि वे भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए कांग्रेस में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के गुजरात प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला से बातचीत हो चुकी है।
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राहुल गांधी से मुलाकात के बाद होगा फैसला
वाघेला ने बताया कि उनकी गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी से भी चर्चा हुई है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी वापसी की औपचारिक घोषणा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ही की जाएगी।
यह राजनीतिक घटनाक्रम अगले महीने होने वाले गांधीनगर नगर निगम चुनावों और अगले साल के विधानसभा चुनावों से पहले सामने आया है।
भाजपा के खिलाफ योगदान का संकल्प
86 वर्षीय नेता वाघेला ने कांग्रेस नेतृत्व को साफ कर दिया है कि उन्हें पार्टी से किसी पद या चीज की उम्मीद नहीं है।
वे केवल भाजपा के खिलाफ अपना योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को अपनी राजनीतिक पारी का अंतिम अवसर माना है।
वाघेला ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसके बाद वे इतने सक्रिय रह सकेंगे, इसलिए वे भाजपा से लड़ने में योगदान देना चाहते हैं।
प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी का अभियान
वाघेला ने अपनी 'प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी' (पीएसडीपी) को फिर से सक्रिय करने के लिए 2 अक्टूबर से अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे और मुकुल वासनिक से संपर्क किया था, लेकिन तब जवाब नहीं मिला था।
इस महीने की शुरुआत में रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुजरात का प्रभार संभाला है, जिसके बाद बातचीत आगे बढ़ी है।
कांग्रेस में वापसी पर बंटी राय
वाघेला की वापसी को लेकर प्रदेश कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ नेता इसका स्वागत कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि कई असंतुष्ट नेता आने वाले दिनों में कांग्रेस के साथ मंच साझा करेंगे और बदलाव के लिए काम करेंगे।
गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले सभी लोगों का स्वागत कर रही है।
2017 की विदाई और वर्तमान चुनौतियां
पार्टी का एक वर्ग वाघेला की 2017 में हुई विदाई की परिस्थितियों को देखते हुए अभी भी सतर्क है।
- 2017 में वाघेला ने राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया था।
- उस समय सोनिया गांधी के सलाहकार अहमद पटेल बेहद कम अंतर से चुनाव जीत पाए थे।
- वाघेला ने राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच इस्तीफा दिया था।
- वर्तमान में 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के केवल 12 विधायक हैं।
- 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने गुजरात में केवल एक सीट (बनासकांठा) जीती है।
अगले महीने होने वाले गांधीनगर नगर निगम चुनावों से पहले यह घटनाक्रम गुजरात की राजनीति में नई जान फूंक सकता है।
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