सिरोही | समीपवर्ती धांता गांव में नवसृजित ग्राम पंचायत का कार्यालय मेघवाल समाज के सामुदायिक भवन में खोलने के प्रस्ताव का समाज के लोगों और अन्य ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें स्पष्ट की हैं।
पंचायत भवन पर विवाद: धांता में पंचायत कार्यालय खोलने पर ग्रामीणों का विरोध
सिरोही के धांता गांव में नवसृजित पंचायत कार्यालय को मेघवाल समाज के सामुदायिक भवन में खोलने के प्रस्ताव का समाज ने विरोध करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
HIGHLIGHTS
- धांता गांव में पंचायत कार्यालय सामुदायिक भवन में खोलने का विरोध।
- मेघवाल समाज ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव निरस्त करने की मांग की।
- ग्रामीणों ने 1982 में बने पुराने पंचायत भवन की मरम्मत की मांग की।
- सामुदायिक भवन सामाजिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग होता है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से सामुदायिक भवन में पंचायत कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इसके बजाय, उन्होंने वर्ष 1982 में निर्मित पुराने पंचायत भवन की मरम्मत करवाकर उसी में नवगठित ग्राम पंचायत कार्यालय संचालित करने का आग्रह किया है।
क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि धांता में हाल ही में एक नई ग्राम पंचायत का सृजन किया गया है। इस नवगठित पंचायत का कार्यालय मेघवाल समाज के सामुदायिक भवन में खोलने का एक प्रस्ताव ग्राम पंचायत मकरोड़ा की ओर से भेजा गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रस्ताव किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है, क्योंकि गांव में पंचायत के लिए पहले से ही एक भवन मौजूद है, भले ही वह वर्तमान में जर्जर अवस्था में हो।
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पुराने पंचायत भवन के जीर्णोद्धार की मांग
ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया कि वर्ष 1982 में पंचायत का पुराना भवन बनाया गया था। उस समय लगभग 15 वर्षों तक इसी भवन से पंचायत कार्यालय का संचालन सफलतापूर्वक होता रहा।
वर्तमान में यह भवन उपयोग में तो है, लेकिन इसमें राशन की दुकान चल रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पुराने पंचायत भवन का निरीक्षण किया जाए और आवश्यक मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का कार्य करवाया जाए।
सामाजिक कार्यों के लिए उपयोगी है सामुदायिक भवन
मेघवाल समाज के लोगों ने बताया कि जिस सामुदायिक भवन में पंचायत कार्यालय खोलने का प्रस्ताव है, उसे समाज के लोगों ने चंदा एकत्र कर बनवाया है। यह भवन करीब 2500 वर्ग फीट क्षेत्र में फैला हुआ है।
इस भवन का उपयोग समाज की विभिन्न जरूरतों के लिए किया जाता है। यहां बच्चों के लिए ट्यूशन कक्षाएं संचालित होती हैं, बुजुर्गों के बैठने की व्यवस्था है, और शादी-विवाह, मृत्यु एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन भी यहीं होता है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
समाज का स्पष्ट कहना है कि सामुदायिक भवन को पंचायत कार्यालय के लिए दिए जाने से उनके सभी सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित होंगे। इसलिए, उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखी हैं।
- ग्राम पंचायत मकरोड़ा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए।
- धांता के पुराने पंचायत भवन की मरम्मत करवाकर नवसृजित ग्राम पंचायत का कार्यालय वहीं संचालित करने के आदेश दिए जाएं।
ग्रामीणों ने कहा कि इस कदम से समाज के सामुदायिक भवन का उपयोग पहले की तरह सामाजिक कार्यों के लिए होता रहेगा और पंचायत के लिए भी एक स्थायी भवन उपलब्ध हो जाएगा।