thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राज्य

सिरोही: लापरवाह प्रशासन, युवाओं ने खुद सुधारी जर्जर हाईवे सड़क

गणपत सिंह मांडोली

राजस्थान (Rajasthan) के सिरोही (Sirohi) जिले में वनेपाल सिंह (Vanepal Singh) और उनके साथियों ने मिलकर सिरोही-रेवदर (Sirohi-Revdar) हाईवे की जर्जर सड़क की मरम्मत की। युवाओं का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • युवाओं ने मिलकर सिरोही-रेवदर हाईवे की मरम्मत की। प्रशासन की लापरवाही के कारण सड़क पर आए दिन होते हैं हादसे। वनेपाल सिंह और उनके साथियों ने सुरक्षा के लिए उठाया यह कदम। दीपावली से पहले दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास।
sirohi negligent administration youth repaired dilapidated highway road
सिरोही: लापरवाह प्रशासन, युवाओं ने खुद सुधारी जर्जर हाईवे सड़क

सिरोही: राजस्थान (Rajasthan) के सिरोही (Sirohi) जिले में वनेपाल सिंह (Vanepal Singh) और उनके साथियों ने मिलकर सिरोही-रेवदर (Sirohi-Revdar) हाईवे की जर्जर सड़क की मरम्मत की। युवाओं का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

युवाओं ने संभाली अपनी सुरक्षा की कमान

सिरोही के युवाओं ने अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है।

वनेपाल सिंह और उनके साथियों ने सिरोही से रेवदर की ओर जाने वाले स्टेट हाईवे की खराब हालत को देखते हुए खुद ही मरम्मत का बीड़ा उठाया।

उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।

युवाओं ने स्पष्ट किया कि जब प्रशासन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो उन्हें खुद ही आगे आना होगा।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

युवाओं ने आरोप लगाया कि वे वोट तो देते हैं, लेकिन सरकार सड़कें बनाने में पूरी तरह विफल रही है।

इस स्टेट हाईवे पर कई बार गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, फिर भी प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है।

उनका कहना है कि प्रशासन बहरा हो चुका है और जनता की पुकार नहीं सुन रहा है।

दीपावली से पहले सुरक्षा की चिंता

युवाओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि दीपावली जैसे शुभ अवसर पर किसी के साथ भी कोई दुर्घटना हो सकती है।

हालांकि, सरकार और प्रशासन इन संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।

युवाओं का मानना है कि अधिकारियों को अपने घर की पेटियां भरने से फुर्सत नहीं मिलती।

यह सिरोही जिले की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है, जहां जनता को अपनी समस्याओं का समाधान खुद ही खोजना पड़ रहा है।

शेयर करें: