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भारत

स्पाइसजेट फ्लाइट में भारी हंगामा: मुंबई एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट फ्लाइट 7 घंटे लेट: 180 पैसेंजर्स का भारी हंगामा, खाने-पीने को लेकर एयरलाइन पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदीप बीदावत

मुंबई से जयपुर आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-169 करीब साढ़े सात घंटे की देरी से चली। इससे नाराज 180 यात्रियों ने मुंबई एयरपोर्ट पर हंगामा किया और एयरलाइन पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया।

HIGHLIGHTS

  • मुंबई-जयपुर स्पाइसजेट फ्लाइट SG-169 करीब 7.5 घंटे की देरी से रवाना हुई।
  • नाराज 180 यात्रियों ने मुंबई एयरपोर्ट के काउंटर पर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।
  • यात्रियों का आरोप है कि उन्हें खाने-पीने की सुविधा और देरी की सही जानकारी नहीं दी गई।
  • रात 8:30 बजे की फ्लाइट आखिरकार देर रात 1:33 बजे मुंबई से टेकऑफ कर सकी।
spicejet mumbai jaipur flight sg169 delay passenger protest

मुंबई | मुंबई एयरपोर्ट पर एक बार फिर हवाई यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया। स्पाइसजेट की एक फ्लाइट की भारी देरी ने यात्रियों को हंगामा करने पर मजबूर कर दिया।

मुंबई से जयपुर जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-169 अपने निर्धारित समय से करीब साढ़े सात घंटे लेट रही। इस देरी के कारण 180 यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे।

शाम से ही यात्री अपनी उड़ान का इंतजार कर रहे थे, लेकिन एयरलाइन के प्रबंधन ने उन्हें बार-बार गलत सूचनाएं दीं। इससे यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

देरी का सिलसिला और बढ़ता इंतजार

दरअसल, यह पूरी घटना मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल पर शुरू हुई। फ्लाइट SG-169 को रात 8 बजकर 30 मिनट पर जयपुर के लिए उड़ान भरनी थी।

नियमों के मुताबिक, यात्री शाम 6 बजे से ही एयरपोर्ट पहुंचने लगे थे। सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताओं के बाद वे गेट पर अपनी बोर्डिंग का इंतजार कर रहे थे।

लेकिन जैसे ही 8:30 बजे का समय नजदीक आया, एयरलाइन ने अचानक फ्लाइट का समय बदल दिया। पहले नया समय रात 9 बजकर 10 मिनट बताया गया।

यात्रियों ने सोचा कि 40 मिनट की देरी सामान्य है और वे शांत रहे। लेकिन यह तो केवल परेशानियों की एक लंबी कड़ी की शुरुआत भर थी।

सूचना के अभाव में भटकते रहे यात्री

9:10 बजने के बाद भी जब बोर्डिंग शुरू नहीं हुई, तो यात्रियों ने काउंटर पर पूछताछ की। वहां मौजूद स्टाफ के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था।

कुछ देर बाद घोषणा हुई कि अब फ्लाइट रात 12 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी। इस खबर ने यात्रियों के होश उड़ा दिए क्योंकि उन्हें घंटों इंतजार करना था।

यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन स्टाफ उन्हें सही कारण नहीं बता रहा था। कोई तकनीकी खराबी की बात कह रहा था तो कोई क्रू की कमी का बहाना बना रहा था।

इस अनिश्चितता ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह इंतजार किसी सजा से कम नहीं साबित हो रहा था।

बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसे लोग

एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों ने बताया कि घंटों बीत जाने के बाद भी उन्हें पानी या स्नैक्स जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं।

नियमों के अनुसार, अगर फ्लाइट में लंबी देरी होती है, तो एयरलाइन को यात्रियों के जलपान का प्रबंध करना चाहिए। लेकिन यहां स्थिति इसके उलट थी।

कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें खुद के पैसों से महंगे दाम पर एयरपोर्ट के कैफे से खाना खरीदना पड़ा। एयरलाइन ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली।

एक यात्री ने बताया, "हमारे साथ छोटे बच्चे थे जो भूख से रो रहे थे। स्टाफ से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी हमें कोई सहायता नहीं मिली।"

एयरपोर्ट पर जमकर हुआ हंगामा

जब रात के 12:30 भी बज गए और फ्लाइट का कोई अता-पता नहीं चला, तो यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। 180 यात्रियों ने एकजुट होकर हंगामा शुरू कर दिया।

स्पाइसजेट के चेक-इन काउंटर और बोर्डिंग गेट के पास यात्रियों ने एयरलाइन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मैनेजमेंट पर यात्रियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

हंगामे की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट सिक्योरिटी और पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्रियों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन लोग लिखित आश्वासन मांग रहे थे।

यात्रियों का कहना था कि अगर फ्लाइट कैंसिल करनी है तो स्पष्ट बताएं, हमें इस तरह अंधेरे में रखकर परेशान न किया जाए।

देर रात आखिरकार हुई रवानगी

काफी जद्दोजहद और हंगामे के बाद, आखिरकार फ्लाइट ने रात 1 बजकर 33 मिनट पर मुंबई एयरपोर्ट से टेकऑफ किया।

यह फ्लाइट अपने तय समय से 7 घंटे से भी अधिक लेट थी। जयपुर एयरपोर्ट पर यह फ्लाइट रात 3 बजकर 10 मिनट पर लैंड हुई।

जयपुर पहुंचने के बाद भी यात्रियों की थकान और नाराजगी कम नहीं हुई। उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी से इस मामले की शिकायत करने की बात कही है।

उनका कहना है कि एयरलाइंस की इस तरह की मनमानी पर लगाम लगनी चाहिए। यात्रियों का कीमती समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।

यात्री अधिकारों का क्या है नियम?

भारत में डीजीसीए (DGCA) के नियमों के मुताबिक, अगर फ्लाइट में 2 से 4 घंटे की देरी होती है, तो एयरलाइन को मुफ्त भोजन और रिफ्रेशमेंट देना अनिवार्य है।

अगर देरी रात के समय होती है और ज्यादा लंबी होती है, तो यात्रियों को होटल में ठहरने की सुविधा भी दी जानी चाहिए।

हालांकि, अक्सर देखा जाता है कि एयरलाइंस इन नियमों का पालन करने में कोताही बरतती हैं। यात्री अक्सर अपनी शिकायतों को सोशल मीडिया पर साझा करते हैं।

इस मामले में भी यात्रियों ने मांग की है कि स्पाइसजेट पर भारी जुर्माना लगाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सरकार से हस्तक्षेप की मांग

हंगामा कर रहे यात्रियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फ्लाइट देरी की घटनाएं अब आम हो गई हैं।

यात्रियों ने मांग की कि एयरलाइंस के खिलाफ एक ठोस नीति बनाई जाए। अगर देरी एयरलाइन की गलती से है, तो यात्रियों को पूरा रिफंड या मुआवजा मिलना चाहिए।

स्पाइसजेट की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान नहीं आया है। हालांकि, स्टाफ ने देरी का कारण परिचालन संबंधी बताया था।

आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या डीजीसीए इस विशिष्ट घटना पर एयरलाइन से कोई जवाब मांगता है या यात्रियों को कोई राहत मिलती है।

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