श्रीगंगानगर | भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी हो चुकी है। प्रशासन जल्द ही सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाने वाला है। यह फैसला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया बीकानेर दौरे के बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य सीमा को पूरी तरह सुरक्षित करना है।
बॉर्डर पर चलेगा बुलडोजर!: भारत-पाक सीमा पर गरजेगा बुलडोजर, गृह मंत्रालय का बड़ा एक्शन
श्रीगंगानगर में भारत-पाक सीमा के 15 किमी दायरे में अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी। गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद प्रशासन एक्शन मोड में।
HIGHLIGHTS
- श्रीगंगानगर में भारत-पाक सीमा पर बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई।
- गृहमंत्री अमित शाह के बीकानेर दौरे के बाद दिए गए थे निर्देश।
- सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।
- राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
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अमित शाह के दौरे के बाद एक्शन मोड में प्रशासन
सूत्रों के अनुसार, इस बड़े अभियान की रूपरेखा गृहमंत्री अमित शाह के बीकानेर दौरे के दौरान ही तय हो गई थी।
वहां उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF), पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय क्लोज-डोर सुरक्षा समीक्षा बैठक की थी।
इस बैठक में सीमा पार से बढ़ती ड्रोन गतिविधियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
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बैठक में यह बात सामने आई कि बॉर्डर के बेहद करीब कई ऐसे संदिग्ध रिहायशी और व्यावसायिक ढांचे बना लिए गए हैं, जिनकी कोई वैध अनुमति नहीं है।
"देश की सीमा सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। हर अवैध और संदिग्ध निर्माण पर सख्त कार्रवाई होगी।"
गृहमंत्री ने इन इनपुट्स को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सीमा सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के कड़े निर्देश दिए थे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह 15 किलोमीटर का दायरा?
गृहमंत्री के इन्हीं निर्देशों का पालन करते हुए श्रीगंगानगर का स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुके हैं।
यह विशेष अभियान अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर की परिधि में आने वाले सभी गांवों और ढाणियों में चलाया जाएगा।
सुरक्षा विशेषज्ञ इस क्षेत्र को देश की 'प्रथम रक्षा पंक्ति' (First Line of Defence) मानते हैं, जहां किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं होती।
इस संवेदनशील दायरे में किसी भी तरह का अवैध निर्माण या संदिग्ध गतिविधि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है।
प्रशासन ने भारी पुलिस बल और बुलडोजर की मदद से इन अतिक्रमणों को पूरी तरह से साफ करने का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है।
सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सीमा पर सुरक्षा को अभेद्य बनाना और किसी भी तरह की घुसपैठ, तस्करी या जासूसी की कोशिशों को नाकाम करना है।
अधिकारियों का मानना है कि अवैध निर्माणों की आड़ में अक्सर राष्ट्र-विरोधी तत्व पनाह लेते हैं या अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इस अभियान से उन पर सीधी लगाम कसी जाएगी। यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्रों में एक स्पष्ट संदेश देती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और इससे खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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