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क्रिकेट

Cricket: टीम इंडिया की बड़ी कमजोरी, बार-बार छूट रहे हैं कैच

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

विश्व विजेता भारतीय टीम की फील्डिंग चिंताजनक है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद से टीम की कैच एफिशिएंसी सिर्फ 72.1% रही है, जो बांग्लादेश और आयरलैंड से ही बेहतर है।

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HIGHLIGHTS

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद से भारत की कैच एफिशिएंसी सिर्फ 72.1% रही है।
  • आयरलैंड और इंग्लैंड के हालिया दौरे पर टीम ने कुल 11 अहम कैच टपकाए।
  • वर्ल्ड कप में भी टीम ने खिताब जीतने से पहले 13 कैच छोड़े थे।
  • खराब कैचिंग एफिशिएंसी में भारत अब सिर्फ बांग्लादेश और आयरलैंड से ही बेहतर है।
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'पकड़ो कैच, जीतो मैच' की कहावत भूली टीम इंडिया?

क्रिकेट की दुनिया में एक बहुत पुरानी और सटीक कहावत है, 'पकड़ो कैच जीतो मैच, छोड़ो कैच हारो मैच'। यह लाइन हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे को देखते हुए भारतीय क्रिकेट टीम पर बिल्कुल फिट बैठती है। कुछ महीने पहले ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने वाली विश्व विजेता टीम इंडिया के लिए कैचिंग एक छोटी समस्या होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।

भारतीय टीम लगातार दो सीरीज में व्हाइटवॉश हो चुकी है और इसकी एक बड़ी वजह खराब फील्डिंग और छूटे हुए कैच रहे हैं। शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ 5वें टी20 मुकाबले में यह कमजोरी एक बार फिर खुलकर सामने आई, जब इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को जीवनदान मिला और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया।

कैचिंग एफिशिएंसी में शर्मनाक रिकॉर्ड

टी20 वर्ल्ड कप के बाद से भारतीय टीम की फील्डिंग, खासकर कैचिंग, सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो टीम की कैच एफिशिएंसी सिर्फ 72.1 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा टी20 वर्ल्ड कप 2026 (फुल मेंबर देशों में) के बाद सबसे खराब कैचिंग एफिशिएंसी वाली टीमों में भारत को तीसरे स्थान पर रखता है। इस मामले में भारत सिर्फ बांग्लादेश और आयरलैंड से ही पीछे है, जो एक चिंताजनक स्थिति है।

वर्ल्ड कप में भी नहीं था अच्छा हाल

भले ही सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी उठाई, लेकिन उस टूर्नामेंट में भी फील्डिंग का स्तर सवालों के घेरे में था। टीम ने खिताब जीतने से पहले टूर्नामेंट के दौरान कुल 13 कैच छोड़े थे। उस समय टीम की कैचिंग एफिशिएंसी 71.7 प्रतिशत थी। उम्मीद की जा रही थी कि टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ इस पर ध्यान देगा, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए।

आयरलैंड दौरे पर छूटे 6 कैच

वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ने आयरलैंड का दौरा किया, जहां यह समस्या और भी गंभीर हो गई। दो मैचों की सीरीज में भारतीय फील्डरों ने 6 कैच टपकाए।

पहला टी20: 3 कैच और हार

आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 में भारत को 34 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा और वाशिंगटन सुंदर ने तीन महत्वपूर्ण कैच छोड़े। सुंदर द्वारा छोड़ा गया कैच सबसे महंगा साबित हुआ, क्योंकि जीवनदान पाने वाले लोर्कन टकर ने अर्धशतक जड़कर मैच का रुख बदल दिया।

दूसरा टी20: फिर वही कहानी

दूसरे टी20 में भी कहानी नहीं बदली। इस मैच में भी भारत की ओर से तीन कैच छोड़े गए। ईशान किशन और हर्षित राणा के बीच एक खराब मिक्स-अप के कारण एक आसान कैच छूट गया। इसके अलावा प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह ने भी कैच टपकाए।

इंग्लैंड सीरीज में भी जारी रहा सिलसिला

आयरलैंड के बाद इंग्लैंड दौरे पर भी भारतीय टीम की फील्डिंग का स्तर नहीं सुधरा। इस सीरीज में भारतीय फील्डरों ने कुल पांच कैच टपकाए, जिनमें से कई मैच के नतीजे पर असर डालने वाले थे।

महंगे पड़े ब्रूक और करन के कैच

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में अक्षर पटेल ने तीसरे ओवर में ही हैरी ब्रूक का कैच बाउंड्री के पास छोड़ दिया। ब्रूक ने इसके बाद 39 रनों की पारी खेली। तीसरे मैच में हर्षित राणा ने सैम करन का कैच छोड़ा, जिन्होंने बाद में 41 रन बनाए और टीम की हार में अहम भूमिका निभाई।

5वें मैच में हद हो गई

सीरीज के 5वें और आखिरी मैच में तो भारत ने तीन कैच छोड़े। सबसे बड़ा नुकसान शिवम दुबे ने किया, जब उन्होंने हैरी ब्रूक का कैच तब छोड़ा जब वह सिर्फ तीन रन पर थे। इस जीवनदान का फायदा उठाकर ब्रूक ने नाबाद 95 रन बनाए और दूसरे विकेट के लिए रिकॉर्ड 233 रन की साझेदारी की। इसी मैच में 16वें ओवर में शेड्गे ने जोस बटलर का कैच छोड़ा, जबकि आखिरी ओवर में ईशान किशन ने ब्रूक का एक और कैच टपकाया।

*Edit with Google AI Studio

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