रूस पर ट्रंप की नरमी: रूस पर सख्त प्रतिबंधों पर ट्रंप ने लगाई रोक, भारत को बड़ी राहत
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों वाले कानून को फिलहाल टाल दिया है। इस फैसले से भारत जैसे देशों को रूसी तेल आयात पर लगने वाले भारी टैरिफ से बड़ी राहत मिली है।
HIGHLIGHTS
- ट्रंप ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाले लिंडसे ग्राहम एक्ट को फिलहाल रोक दिया है।
- इस कानून के तहत रूस से तेल खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100% टैरिफ का खतरा था।
- ट्रंप ने हाल ही में रूस के साथ डीजल खरीदने के लिए एक विशेष समझौता भी किया है।
- अमेरिका में बढ़ते तेल के दामों और मिडटर्म चुनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले कानून को फिलहाल रोक दिया है। शुक्रवार को इस आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने इसे अमेरिका के राष्ट्रीय हित में बताया।
इस कानून के लागू होने से रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाया जा सकता था। इन देशों में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल थे।
प्रतिबंध से जुड़े इस कानून का मुख्य मकसद रूस की कमाई के रास्ते बंद करना था। ताकि यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के लिए उसे पैसा जुटाने में मुश्किल हो।
भारत के लिए बड़ी राहत की खबर
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भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल दूसरे देशों से आयात करता है। अगस्त 2026 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 45% थी।
भारत ने अगस्त में रूस से रोजाना औसतन 20.8 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा था। ऐसे में रूस से तेल खरीदने पर 100% तक टैरिफ लगने का खतरा भारत के लिए बड़ी चिंता थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत तेल की उपलब्धता और दुनिया के हालात को देखकर अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करने का फैसला करता है।
लिंडसे ग्राहम एक्ट और ट्रंप का फैसला
ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल (लिंडसे ग्राहम एक्ट) पर 18 सितंबर 2026 को साइन किए थे। 16 सितंबर को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने इसे 262-159 वोटों से मंजूरी दी थी।
कानून पर साइन करने के बाद ट्रंप को प्रतिबंध लगाने का फैसला 30 दिन के अंदर करना था। हालांकि, ट्रंप ने इससे पहले ही प्रतिबंधों और टैरिफ पर छूट दे दी।
खास बात यह है कि ट्रंप ने 9 अक्टूबर को ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल खरीदने की डील की थी। इसके तहत रूसी डीजल पर लगी पाबंदियों पर अप्रैल 2027 तक छूट दी गई है।
अमेरिका में तेल की कीमतें और राजनीति
रूस को राहत देने का फैसला ट्रंप ने ऐसे समय लिया है, जब अमेरिका में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। यूक्रेन के रूसी रिफाइनरियों पर हमलों से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
ट्रंप चाहते हैं कि तेल की कीमतें कम हों, ताकि अमेरिका में पेट्रोल सस्ता हो सके। नवंबर में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने हैं, जहां महंगाई एक बड़ा मुद्दा है।
- अगर रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान हुआ, तो संसद में उसका बहुमत खत्म हो सकता है।
- यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की इस फैसले से नाराज बताए जा रहे हैं।
- यूरोपीय अधिकारियों और अमेरिकी संसद के दोनों दलों के कुछ सदस्यों ने भी इसका विरोध किया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, कुछ सांसदों को पहले से आशंका थी कि ट्रंप कानून के तहत रूस पर सख्ती नहीं करेंगे। फिलहाल इस फैसले ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल पैदा कर दी है।
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