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भारत

अमेरिका-ईरान तनाव: अमेरिका ने खाड़ी देशों को दी ₹81,700 करोड़ के हथियारों की मंजूरी

बलजीत सिंह शेखावत

अमेरिका ने ईरान के साथ तनाव के बीच इजराइल और खाड़ी देशों के लिए आपातकालीन हथियार बिक्री को मंजूरी दी।

HIGHLIGHTS

  • अमेरिका ने मध्य पूर्व के सहयोगियों के लिए 8.6 अरब डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है।
  • इस सौदे के लिए अमेरिकी कांग्रेस की समीक्षा प्रक्रिया को आपातकालीन आधार पर दरकिनार किया गया।
  • इजराइल, कतर, कुवैत और यूएई को अत्याधुनिक पैट्रियट मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम मिलेंगे।
  • ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण सहयोगियों के हथियारों का भंडार काफी कम हो गया था।
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वाशिंगटन | ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मध्य पूर्व के अपने सहयोगी देशों को 8.6 अरब डॉलर (लगभग 81,700 करोड़ रुपए) के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है।

अमेरिकी प्रशासन ने इस सौदे को आपातकालीन आधार पर मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि अमेरिकी कांग्रेस की लंबी समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया गया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया है।

रुबियो ने कहा कि मौजूदा क्षेत्रीय हालातों में तेजी से कार्रवाई करना बेहद जरूरी था। इस समझौते के तहत इजराइल, कतर, कुवैत और यूएई को अत्याधुनिक हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम मिलेंगे। इससे क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत होगी।

आपातकालीन शक्तियों का उपयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े सौदे से मध्य पूर्व में सैन्य संतुलन और अधिक संवेदनशील हो सकता है। फरवरी के बाद से इजरायल और खाड़ी देशों पर ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों की बौछार हो रही है।

इन हमलों की वजह से इन देशों के पास मौजूद अमेरिकी हथियारों के भंडार काफी कम हो गए हैं। उनके एयर डिफेंस सिस्टम पर भी भारी दबाव बढ़ा है। अमेरिका का यह फैसला इन भंडारों को भरने के लिए है।

देशवार रक्षा उपकरणों का विवरण

सौदा विवरण के अनुसार, इजराइल को 992 मिलियन डॉलर (लगभग ₹9,415 करोड़) का एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम (APKWS) मिलेगा। यह प्रणाली बिना गाइडेड रॉकेट को सटीक प्रिसिजन गाइडेड हथियार में बदलने की क्षमता रखती है।

कुवैत को 2.5 अरब डॉलर (लगभग 23,800 करोड़) के बैटल कमांड सिस्टम खरीदने की मंजूरी मिली है। यह सिस्टम देश की हवाई रक्षा पहचान क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इससे कुवैत की सीमाओं की सुरक्षा और पुख्ता होगी।

कतर को लगभग 5 अरब डॉलर (लगभग ₹47,500 करोड़) के हथियार मिलेंगे। इसमें मुख्य रूप से पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की रीस्टॉकिंग शामिल है। पैट्रियट सिस्टम आने वाली मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट करने के लिए इस्तेमाल होता है।

संयुक्त अरब अमीरात को 148 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1,405 करोड़) में APKWS खरीदने की मंजूरी मिली है। पैट्रियट सिस्टम को अमेरिकी सेना के सबसे उन्नत उपकरणों में गिना जाता है। यह दुश्मन के विमानों को सटीक निशाना बनाता है।

ईरान के हमलों का मुकाबला और स्टॉक की चिंता

कुवैत के लिए मंजूर किया गया बैटल कमांड सिस्टम रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा निवेश है। इससे पहले मार्च में अमेरिका ने यूएई, कुवैत और जॉर्डन को 16.5 अरब डॉलर के अलग हथियार सौदों को भी मंजूरी दी थी।

इस बीच, ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी हथियारों के भारी इस्तेमाल ने एक नई चिंता को जन्म दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्या अमेरिका चीन के साथ संभावित युद्ध के लिए पर्याप्त सैन्य क्षमता बनाए रख पाएगा।

"मौजूदा वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए, अमेरिका अपने सहयोगियों की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक आवश्यक कदम है।" - मार्को रुबियो

चीन के साथ संभावित संघर्ष का प्रभाव

सेंटर फॉर स्ट्रैटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के पास पर्याप्त स्टॉक है। लेकिन चीन जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के साथ संघर्ष की स्थिति में और अधिक हथियारों की जरूरत पड़ेगी। ताइवान का मुद्दा भी अहम है।

अंत में, यह हथियार सौदा केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि एक कूटनीतिक संदेश भी है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मध्य पूर्व में अपने सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा है और पीछे नहीं हटेगा।

ईरान की आक्रामकता का मुकाबला करने के लिए ये हथियार बेहद जरूरी हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि इस सौदे का क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर क्या असर पड़ता है। क्या इससे तनाव कम होगा?

*Edit with Google AI Studio

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