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क्रिकेट

वैभव सूर्यवंशी पर 'भोले' का हाथ: 5 साल की उम्र से दोस्त ने खोले गहरे राज

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

जब वैभव 5 साल के थे, तब से गेंदबाजी कर रहे दोस्त रवि प्रकाश झा ने उनके जीवन से जुड़े कुछ गहरे राज खोले हैं।

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HIGHLIGHTS

  • 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा।
  • महज 8 साल की उम्र में उनका चयन बिहार की अंडर-19 टीम के लिए हो गया था।
  • उम्र को लेकर हुए विवाद के बाद BCCI ने बेंगलुरु में उनका बोन टेस्ट कराया था।
  • उनके दोस्त रवि प्रकाश झा तब से उन्हें गेंदबाजी कर रहे हैं जब वैभव 5 साल के थे।
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समस्तीपुर | आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में जब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस के हर प्लान को तहस-नहस कर दिया, तो पूरी दुनिया हैरान रह गई। अपनी विस्फोटक पारी से उन्होंने क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। लेकिन बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव में कोई आश्चर्यचकित नहीं था।

आईपीएल में वैभव का तूफान

मुल्लांपुर के स्टेडियम में वैभव ने छक्कों की ऐसी बारिश की कि 'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल का 2015 का रिकॉर्ड भी अतीत बन गया। इस पारी के बाद वह रातों-रात दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गए।

उनकी 29 गेंदों में 97 रन की तूफानी पारी ने सबको स्तब्ध कर दिया। उन्होंने पहली 16 गेंदों पर ही आठ छक्के जड़ दिए थे। यह एक ऐसा कारनामा था जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।

'यह तो वह 8 साल से कर रहा है'

वैभव को 5 साल की उम्र से गेंदबाजी कर रहे उनके दोस्त रवि प्रकाश झा इस पर हंसते हुए कहते हैं कि यह तो वह 8 साल की उम्र से कर रहा है। उनके लिए यह कोई नई बात नहीं थी।

ताजपुर गाँव का 'कोहिनूर'

जब वैभव शतक से चूके तो गांव में थोड़ी देर के लिए निराशा छा गई, लेकिन फिर सबने मिलकर कहा, 'कोई बात नहीं, अगले मैच में आ जाएगा।' गांव के लोग सूर्यवंशी के घर पर जमा होकर उस हीरे को चमकते देख रहे थे जिसे उन्होंने सालों से तराशते देखा था।

रवि प्रकाश झा, जो अब 22 साल के हैं, वैभव को तब से जानते हैं जब वह खुद 12 साल के थे और वैभव सिर्फ 5 साल के। उन्होंने वैभव के शुरुआती दिनों के कई अनसुने किस्से साझा किए।

8 साल की उम्र में अंडर-19 टीम में चयन

झा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया, 'बहुत कम लोग जानते हैं कि जब वह सिर्फ आठ साल का था, तब उसे बिहार की अंडर-19 टीम के लिए चुन लिया गया था।' हालांकि, कम उम्र के कारण उसे खेलने का मौका नहीं मिला।

यह उनकी प्रतिभा का सबसे बड़ा प्रमाण था कि चयनकर्ताओं ने उम्र को नजरअंदाज कर सिर्फ उनके कौशल पर ध्यान दिया।

विवादों से भरा रहा सफर

पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में एक अंडर-12 मैच का जिक्र करते हुए झा ने बताया कि वैभव ने 153 रन बनाए थे। उस पारी में 15 छक्के शामिल थे, लेकिन 7 गेंदें मैदान के बाहर गिरने के कारण खो गईं।

2022 में, जब वैभव 12 साल के थे, तब बिहार के रणजी ट्रॉफी के संभावितों में उनके चयन से ठीक पहले उनकी उम्र को लेकर गंभीर आरोप लगे थे।

'वैभव पर भोले का हाथ'

इस विवाद को खत्म करने के लिए बीसीसीआई ने उन्हें बेंगलुरु बुलाया। झा बताते हैं, 'वहां उनका बोन टेस्ट हुआ। वीवीएस लक्ष्मण सर इन अटकलों को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते थे।'

सब टेम्परामेंट का खेल है और वैभव पर भोले का हाथ है। वह सिर्फ 15 साल का है और इतनी कम उम्र में वह उन चीजों से गुजर चुका है, जो एक 30 साल का आदमी भी नहीं गुजरा होगा।

यह घटना वैभव के मानसिक मजबूती को दर्शाती है, जिसने उन्हें और भी मजबूत बनाया।

सिराज से अगली भिड़ंत

झा एक और किस्सा याद करते हुए बताते हैं, 'अगर कोई उसे एक बार आउट कर देता है, तो उसके बाद वह बॉलर मुश्किल में पड़ जाता है।' उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने वैभव को दो बार आउट किया तो उसने नेट प्रैक्टिस में ऐसी धुनकी कि नेट ही फट गया।

अब शुक्रवार को मोहम्मद सिराज और सूर्यवंशी के बीच मुकाबला एक बार फिर देखने लायक होगा। पिछली मुलाकात में आउट होने से पहले इस युवा बल्लेबाज ने सिराज को तीन शानदार बाउंड्री लगाई थीं।

ताजपुर से लेकर आईपीएल के बड़े मंच तक, वैभव सूर्यवंशी की कहानी दृढ़ संकल्प और असाधारण प्रतिभा की मिसाल है। उनका सफर यह साबित करता है कि अगर जुनून और मेहनत हो तो कोई भी सपना छोटा नहीं होता।

*Edit with Google AI Studio

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