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राजनीति

विजय का फ्लोर टेस्ट में धमाका: तमिलनाडु: सी. जोसेफ विजय ने जीता विश्वास मत

बलजीत सिंह शेखावत

मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने 144 वोटों के साथ बहुमत हासिल किया।

HIGHLIGHTS

  • मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में 144 वोटों के साथ विश्वास मत जीता।
  • डीएमके ने मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार किया और सदन से वॉकआउट किया।
  • एआईएडीएमके के भीतर फूट पड़ी और कई विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया।
  • सीएम विजय ने अपनी सरकार को अल्पसंख्यकों और विकास के प्रति समर्पित बताया।
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चेन्नई | तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की टीवीके (TVK) सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया है। भारी हंगामे के बीच सरकार ने विश्वास मत हासिल किया।

विधानसभा में हुई वोटिंग के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में कुल 144 वोट पड़े। इसके विपरीत विरोध में केवल 22 विधायकों ने मतदान किया। सदन में इस प्रक्रिया के दौरान 5 विधायक अनुपस्थित रहे।

बहुमत का गणित और सदन की स्थिति

टीवीके और उसके सहयोगियों के पास सदन में पहले से 120 विधायकों का समर्थन प्राप्त था। हालांकि, वोटिंग के अंतिम परिणामों ने सबको चौंका दिया। सरकार को उम्मीद से कहीं अधिक 144 वोट मिले।

इस जीत के बाद मुख्यमंत्री विजय ने सदन को संबोधित किया। उन्होंने इसे अल्पसंख्यकों की जीत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग के लिए तेजी से काम करेगी।

डीएमके का बहिष्कार और विपक्ष का रुख

राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी डीएमके ने इस पूरी प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी। डीएमके विधायकों ने मतदान का बहिष्कार किया और सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन में माहौल काफी तनावपूर्ण रहा।

विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने टीवीके पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके ने कांग्रेस समेत अन्य सहयोगियों को उनसे छीन लिया है। उन्होंने सरकार को नसीहत भी दी।

हम विधानसभा से वॉकआउट कर रहे हैं। हमारे वॉकआउट करने के बाद आपको बहुमत मिल जाएगा। आप इसके साथ अच्छा शासन चलाएं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कल्याणकारी योजनाओं का राजनीतिकरण न करें।

एआईएडीएमके में बड़ी फूट उजागर

विश्वास मत के दौरान एआईएडीएमके दो धड़ों में बंटी नजर आई। पार्टी के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (EPS) ने सरकार के खिलाफ वोट देने का निर्देश दिया था। लेकिन पार्टी में बगावत देखने को मिली।

एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि ने खुले तौर पर टीवीके सरकार का समर्थन किया। उनके इस कदम से पलानीस्वामी गुट में भारी नाराजगी देखी गई। पार्टी के भीतर कलह अब खुलकर सामने आ गई है।

पलानीस्वामी ने दावा किया कि पार्टी के कुछ सदस्यों को मंत्री पद और बोर्ड के अध्यक्ष पद का लालच दिया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र का अपमान बताया। इसके बावजूद कई विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन किया।

घोड़े की रफ्तार से काम करेगी सरकार

मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में कहा कि उनकी सरकार 'हॉर्स ट्रेडिंग' यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त में विश्वास नहीं रखती। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार घोड़े की रफ्तार से विकास कार्य करेगी।

विजय ने यह भी आश्वासन दिया कि पिछली सरकार की सभी जनहितकारी योजनाओं को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पूरी तरह से सेक्युलर और पारदर्शी तरीके से शासन चलाएगी।

इस फ्लोर टेस्ट के नतीजों ने तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बना दिए हैं। विजय सरकार के पास अब शासन करने के लिए मजबूत जनादेश है। हालांकि, विपक्ष के आरोपों ने भविष्य की चुनौतियों के संकेत दे दिए हैं।

*Edit with Google AI Studio

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