जयपुर |
जयपुर: गुरु रविदास रथयात्रा: CM शर्मा ने दिखाई हरी झंडी
जयपुर में संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ, सीएम भजनलाल शर्मा ने 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए रथयात्रा को हरी झंडी दिखाई।
HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ किया।
- गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए रथयात्रा रवाना की गई।
- रथयात्रा गुरु रविदास के समानता और सामाजिक समरसता के संदेश का प्रसार करेगी।
- यह अभियान 29 जुलाई से 20 फरवरी तक पांच चरणों में संचालित किया जाएगा।
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संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को जयपुर में समरसता संकल्प अभियान का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों और संतों ने हिस्सा लिया।
गुरु रविदास की जन्मस्थली से लाए गए पावन रज कलश रथयात्रा को राजस्थान की सभी 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। ये रथ प्रत्येक लोकसभा, विधानसभा, मंडल और गांव-ढाणी तक पहुंचकर सामाजिक समरसता का संदेश देंगे।
संत परंपरा ने समाज को दिशा दी: सीएम शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने हमेशा राष्ट्र और समाज को दिशा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश देकर समाज को एक सूत्र में पिरोया।
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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संतों और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से गुरु रविदास की पावन रज के कलश प्रदेश के 1138 मंडलों और गांवों तक पहुंचेंगे।
'बेगमपुरा' की कल्पना एक आदर्श समाज
सीएम शर्मा ने कहा कि संत रविदास द्वारा प्रतिपादित 'बेगमपुरा' की कल्पना समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित समाज का आदर्श प्रस्तुत करती है। उन्होंने चित्तौड़गढ़ में विकसित पैनोरमा को नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का माध्यम बताया।
पांच चरणों में चलेगा अभियान: लाल सिंह आर्य
अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लाल सिंह आर्य ने बताया कि समरसता संकल्प अभियान 29 जुलाई से शुरू होकर 20 फरवरी तक पांच चरणों में चलेगा। इस दौरान समरसता संकल्प यात्राएं, संत सम्मान कार्यक्रम और छात्र संवाद जैसे आयोजन होंगे।
संत रविदास का प्रसिद्ध संदेश "जाति-पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई" सामाजिक समरसता का मूल मंत्र है।
आर्य ने कहा कि "मन चंगा तो कठौती में गंगा" का संदेश आत्मशुद्धि और सेवा भाव का प्रतीक है, जो आज भी प्रेरणा देता है।
कर्म को सर्वोपरि मानने का संदेश: मदन राठौड़
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि संत रविदास ने लगभग 650 वर्ष पूर्व समाज को समरसता और कर्मप्रधान जीवन का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर कर्म को सर्वोपरि मानने का संदेश दिया।
राठौड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान प्रदेशभर में सामाजिक समरसता, सद्भाव और एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगा।
अन्य नेताओं ने भी किया संबोधित
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही सुशासन का उद्देश्य है। वहीं, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।