मुंबई | भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स बाजार में एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी के लिए मशहूर कंपनी जेप्टो (Zepto) अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की तैयारी में है। कंपनी ने इसके लिए बाजार नियामक सेबी के पास अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं।
Zepto का IPO जल्द: 10 मिनट डिलीवरी वाली कंपनी लाएगी ₹8010 करोड़ का IPO
क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो जुलाई में शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी में है। कंपनी ने सेबी के पास अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं।
HIGHLIGHTS
- जेप्टो जुलाई में ₹8,010 करोड़ का IPO लाने की तैयारी में है।
- यह भारत की पहली शुद्ध क्विक कॉमर्स लिस्टेड कंपनी बन सकती है।
- IPO में नए शेयरों के साथ मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल भी शामिल है।
- जुटाए गए फंड का इस्तेमाल डार्क स्टोर्स के विस्तार और तकनीक में होगा।
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जेप्टो IPO की पूरी जानकारी
सेबी के पास जमा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, जेप्टो इस IPO के जरिए ₹8,010 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी। यह भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली पहली शुद्ध क्विक कॉमर्स कंपनी बन सकती है, जो इसे एक ऐतिहासिक कदम बनाता है।
इस IPO में फ्रेश इक्विटी शेयर के अलावा ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल होगा। इसके तहत कंपनी के मौजूदा निवेशक अपने 11.3 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे। इससे शुरुआती निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने का मौका मिलेगा।
कौन बेच रहा है अपनी हिस्सेदारी?
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ऑफर फॉर सेल में हिस्सा लेने वाले प्रमुख निवेशकों में नेक्सस वेंचर पार्टनर्स, अमेरिका की कॉन्ट्रेरी कैपिटल, कैसर परमानेंट और दुबई की रेजर कैपिटल जैसी बड़ी फर्में शामिल हैं। इन निवेशकों ने कंपनी के शुरुआती दौर में निवेश किया था।
जेप्टो ने पहली बार दिसंबर 2023 में गोपनीय प्री-फाइलिंग प्रक्रिया के तहत IPO के लिए आवेदन किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी को मई में ही सेबी से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद अब लिस्टिंग की प्रक्रिया तेज हो गई है।
IPO से जुटाई रकम का क्या होगा?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि IPO से जुटाई गई पूंजी का उपयोग मुख्य रूप से कारोबार के विस्तार के लिए किया जाएगा। जेप्टो की योजना देश भर में अपने 'डार्क स्टोर्स' के नेटवर्क को बढ़ाने की है।
कंपनी का कहना है कि नए शेयरों से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कारोबार विस्तार में लगाया जाएगा। जेप्टो अपने मौजूदा और नए बाजारों में डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ाना चाहती है।
डार्क स्टोर छोटे वेयरहाउस होते हैं, जहां से ग्राहकों तक तेजी से सामान पहुंचाया जाता है। 31 मार्च, 2024 तक, जेप्टो के पास देशभर में 1,139 डार्क स्टोर थे।
इसके अलावा, फंड का इस्तेमाल तकनीकी ढांचे को मजबूत करने, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश करने और मार्केटिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
जेप्टो की लिस्टिंग से क्विक कॉमर्स सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। यह इस सेक्टर के भविष्य और विकास की संभावनाओं को भी दर्शाएगा। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो कंपनी अगले महीने जुलाई में ही दलाल स्ट्रीट पर दस्तक दे सकती है।
यह IPO न केवल जेप्टो के लिए बल्कि पूरे भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण घटना होगी, जो अन्य नई कंपनियों को भी बाजार में आने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।
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