तमिलनाडु |
Politics: AIADMK में खेला! 10 विधायक 15 अगस्त से पहले छोड़ेंगे पार्टी
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी हलचल। AIADMK के करीब 10 विधायक 15 अगस्त से पहले इस्तीफा देकर सीएम विजय की पार्टी TVK में शामिल हो सकते हैं।
HIGHLIGHTS
- AIADMK के करीब 10 विधायक 15 अगस्त से पहले TVK में शामिल हो सकते हैं।
- TVK ने 'ऑपरेशन- L' के तहत विपक्षी दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल करने की तैयारी की है।
- शामिल होने वाले विधायकों को उपचुनाव में टिकट और मंत्री पद का आश्वासन दिया गया है।
- विपक्ष ने TVK पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
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तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने विपक्षी दल AIADMK में एक बड़ी राजनीतिक सेंध लगाने की तैयारी तेज कर दी है।
पार्टी के अंदर 'ऑपरेशन- L' नाम से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत विपक्षी दलों के विधायक और नेता अपनी पार्टियां छोड़कर TVK में शामिल हो रहे हैं।
AIADMK में बड़ी सेंध, 10 विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी
पार्टी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, AIADMK के करीब 10 विधायक 15 अगस्त से पहले अपने विधानसभा पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
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इसके बाद वे सभी TVK में शामिल हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा संभावित उपचुनाव की घोषणा से पहले ही पूरी कर ली जाएगी, ताकि रणनीति के तहत आगे बढ़ा जा सके।
पहले भी दिखा था समर्थन
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मई में विजय सरकार के गठन के दौरान AIADMK के 25 विधायकों ने पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर TVK का समर्थन किया था।
इनमें से लगभग आधे विधायक अब या तो TVK में शामिल हो चुके हैं या फिर शामिल होने की प्रक्रिया में हैं, जो AIADMK के लिए एक बड़ा झटका है।
क्या है विधानसभा का बदला हुआ गणित?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मुख्यमंत्री विजय ने खुद दो सीटों पर जीत हासिल की थी।
हालांकि, टीवीके बहुमत के आंकड़े से कुछ दूर रह गई थी। इसके बाद कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन से विजय ने अपनी सरकार बनाई।
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में फिलहाल 7 सीटें खाली हैं, जिससे सदन की प्रभावी संख्या 227 रह गई है। वर्तमान में TVK के पास 107 विधायक हैं।
यदि AIADMK के और विधायक पार्टी में शामिल होते हैं, तो सत्ता पक्ष का बहुमत और भी मजबूत हो जाएगा। अगर टीवीके बहुमत के आंकड़े को पार कर लेती है, तब भी उसे कांग्रेस की आवश्यकता होगी, जिसके पांच विधायकों ने विजय सरकार को समर्थन दे रखा है।
कई बड़े नेता भी TVK के संपर्क में
हाल ही में, पूर्व मंत्री सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर ने विधायक पद से इस्तीफा देकर TVK का दामन थाम लिया था।
इनके अलावा, एम.एस.एम. आनंदन, एस. वलारमथी सहित कई पूर्व विधायक और जिला स्तरीय नेता भी पार्टी में शामिल हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, AIADMK के कई और वरिष्ठ नेता भी इस्तीफा देकर विजय की पार्टी में शामिल हो सकते हैं। यह प्रक्रिया जुलाई के अंत या अगस्त की शुरुआत तक पूरी हो सकती है।
टिकट और मंत्री पद का मिला आश्वासन
सूत्रों का कहना है कि TVK में शामिल होने वाले विधायकों को आगामी उपचुनाव में पार्टी का टिकट देने का भरोसा दिया गया है।
इसके अलावा, चुनाव जीतने पर कुछ वरिष्ठ नेताओं को कैबिनेट में जगह देने का वादा किया गया है, जबकि अन्य को जिला सचिव और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने का आश्वासन मिला है।
AIADMK में क्यों बढ़ रहा है असंतोष?
विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही AIADMK में अंदरूनी कलह और असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं।
AIADMK के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष था।
उनका आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में कई नेताओं की अनदेखी की गई और संगठनात्मक विवादों का समय पर समाधान नहीं किया गया।
खासकर, एस.पी. वेलुमणि के समर्थक जिला सचिवों को हटाए जाने के बाद पार्टी में नाराजगी और भी बढ़ गई।
विपक्ष ने लगाए खरीद-फरोख्त के आरोप
लगातार हो रहे इस दलबदल को लेकर विपक्ष ने TVK पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और राजनीतिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
विपक्ष का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों का सामना कर रहे कुछ पूर्व मंत्रियों के TVK में शामिल होने से यह एक 'पॉलिटिकल वॉशिंग मशीन' की तरह काम कर रही है।
हालांकि, TVK ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि कानूनी कार्रवाई अपने स्तर पर जारी रहेगी और किसी भी मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
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