अजमेर | अजमेर शहर में बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए रिंग रोड का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। वर्तमान में जनाना अस्पताल से माकड़वाली तक भूमि अधिग्रहण का कार्य शेष है।
अजमेर रिंग रोड: ट्रैफिक से मिलेगी राहत: अजमेर रिंग रोड परियोजना: जाम से मिलेगी मुक्ति, जानें अपडेट
अजमेर में रिंग रोड का काम तेज, भूमि अधिग्रहण और कनेक्टिविटी पर रहेगा जोर।
HIGHLIGHTS
- जनाना अस्पताल से माकड़वाली तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी शेष है।
- रिंग रोड बनने से शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा।
- पुष्कर के दोनों बाइपास को भी इस रिंग रोड से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
- पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच अब पहले से अधिक आसान और सुगम होगी।
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प्रॉपर कनेक्टिविटी होने पर ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वास्तविक फायदा मिल सकेगा। प्रशासन अब कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर रिंग रोड के चौड़ाईकरण की आवश्यकता पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।
ट्रैफिक दबाव और रिंग रोड की जरूरत
अजमेर के मदार गेट और स्टेशन रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रतिदिन 30 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। आदर्श नगर-पर्बतपुरा रोड पर यह संख्या 40 हजार तक पहुंच जाती है।
इतने भारी यातायात के कारण शहर में ध्वनि और वायु प्रदूषण का स्तर 60 प्रतिशत तक बढ़ गया है। रिंग रोड इन वाहनों को शहर के बाहर से रास्ता देगी।
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राज्य सरकार ने बजट में रिंग रोड की डीपीआर बनाने की घोषणा की है। वर्तमान में यह मार्ग केवल टू-लेन बाइपास के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे कनेक्टिविटी बाधित होती है।
"रिंग रोड बनने पर ट्रैफिक सुगम होगा और जाम की समस्या में कमी आएगी। इसके साथ ही पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।"
भूमि अधिग्रहण और आगामी योजना
विशेषज्ञों के अनुसार, कायड़ विश्राम स्थली, माकड़वाली, होकरा और कानस बूढ़ा पुष्कर के मार्ग को फोरलेन करना अनिवार्य है। इसके बिना रिंग रोड का पूर्ण लाभ मिलना संभव नहीं है।
2026-27 के बजट में पुष्कर घाटी की चौड़ाई बढ़ाने की भी घोषणा हुई है। इसे नौसर के निकट रिंग रोड से जोड़ा जाना है, जिससे यात्रा सुगम हो सकेगी।
इन क्षेत्रों को होगा सीधा फायदा
प्रस्तावित रिंग रोड से नौसर, रातीडांग, चौरसियावास और माकड़वाली क्षेत्र का सीधा जुड़ाव होगा। इससे नागौर और जयपुर से आने वाले वाहनों को सीधे ब्यावर रोड तक कनेक्टिविटी मिलेगी।
कोटड़ा, महाराणा प्रताप नगर और पुष्कर रोड से जयपुर रोड की कनेक्टिविटी सबसे अहम मानी जा रही है। इससे शहर के अंदरूनी हिस्सों में भारी वाहनों का प्रवेश रुकेगा।
पर्यटन और आर्थिक विकास पर प्रभाव
अजमेर में प्रतिवर्ष 25 लाख से अधिक पर्यटक दरगाह शरीफ आते हैं। इसके अलावा करीब 50 लाख श्रद्धालु पुष्कर की यात्रा करते हैं। रिंग रोड इनके लिए वरदान साबित होगी।
नारेली, नसियां, तारागढ़ और आनासागर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अब पहले से अधिक आसान होगा। बेहतर बुनियादी ढांचे से स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।
अजमेर रिंग रोड परियोजना शहर के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। भूमि अधिग्रहण और चौड़ाईकरण का कार्य पूर्ण होते ही यह मार्ग यातायात व्यवस्था को बदल देगा।
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