पाली | पाली शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। शहर के बीचों-बीच बांडी नदी पर बना 47 साल पुराना जर्जर पुल अब इतिहास बन जाएगा। सरकार ने इसके पुनर्निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है, जिससे अब एक नए हाई-लेवल पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
पाली: 47 साल पुराने पुल का अंत!: पाली: 47 साल पुराने जर्जर पुल का होगा निर्माण, 40 करोड़ होंगे खर्च
पाली में 47 साल पुराने बांडी नदी के जर्जर पुल की जगह अब 40 करोड़ की लागत से नया हाई-लेवल पुल बनेगा। वित्तीय स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।
HIGHLIGHTS
- पाली में 47 साल पुराने जर्जर बांडी नदी पुल का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
- इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
- इस पुल को एक दशक पहले, साल 2014 में ही जर्जर घोषित कर दिया गया था।
- वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
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एक दशक से जर्जर, कभी भी ढहने का था खतरा
यह पुल पाली के नए बस स्टैंड और सुमेरपुर रोड को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसका निर्माण वर्ष 1978 में हुआ था। समय के साथ इसकी हालत खराब होती गई और साल 2014 में इसे आधिकारिक तौर पर जर्जर घोषित कर दिया गया।
हालात इतने खराब हो गए थे कि 2023 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अपनी एक रिपोर्ट में इसे कभी भी ढहने योग्य बता दिया था। यह पुल शहर के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका था, खासकर बारिश के मौसम में।
बरसात के दिनों में बांडी नदी में पानी का स्तर बढ़ने पर इस पुल पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता था, जिससे शहर दो हिस्सों में बंट जाता था। लोगों को लंबे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
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घोषणाओं और देरी का लंबा सफर
इस पुल के पुनर्निर्माण की घोषणाएं कई सालों से हो रही थीं। पहले कांग्रेस सरकार और फिर भाजपा सरकार ने भी इसे बनाने का वादा किया, लेकिन हर बार प्रक्रिया किसी न किसी वजह से अटक जाती थी।
साल 2023-24 के बजट में इसके लिए 35 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी, लेकिन काम शुरू नहीं हो सका। इसके लिए तीन बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन हर बार उन्हें निरस्त करना पड़ा।
एक अधिकारी ने बताया, "कभी ठेकेदारों द्वारा दरें बहुत अधिक बताई गईं, तो कभी विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। तीसरी बार वित्त विभाग के आदेशों के कारण प्रक्रिया को रोकना पड़ा।"
इन देरी के कारण परियोजना की लागत भी बढ़ गई। जो काम दो साल पहले 35 करोड़ में हो सकता था, अब उसके लिए 40 करोड़ रुपये की नई स्वीकृति जारी करनी पड़ी है।
कैसा होगा नया हाई-लेवल पुल?
अब वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद उम्मीद है कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का अनुमान है कि निविदा प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग दो से तीन महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
यह नया पुल कवाड़ सर्किल से शुरू होगा और केसर होटल क्षेत्र के आगे तक बनाया जाएगा। यह एक हाई-लेवल ब्रिज होगा, जिससे बारिश के मौसम में भी यातायात बाधित नहीं होगा।
तकनीकी विवरण और निर्माण योजना
इस परियोजना के तहत 236 मीटर लंबा एक मुख्य पुल बनाया जाएगा। इसके साथ ही, यातायात को सुगम बनाने के लिए 470 मीटर लंबा एक अप्रोच मार्ग भी निर्मित होगा।
यह नया निर्माण न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि भविष्य में शहर के बढ़ते यातायात के दबाव को भी संभालने में सक्षम होगा। यह शहर के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस पुल का निर्माण पाली के निवासियों के लिए दशकों पुरानी एक बड़ी समस्या का स्थायी समाधान लेकर आएगा। यह न केवल हादसों की आशंका को खत्म करेगा, बल्कि शहर की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा, जिससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बचेगा।
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