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राजस्थान

आंगनबाड़ी में बच्चों के खाने में दीमक: अलवर: आंगनबाड़ी केंद्र में मासूमों की सेहत से खिलवाड़, मुरमुरे के पैकेट में मिली दीमक और मिट्टी

मानवेन्द्र जैतावत

अलवर के थानागाजी में आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों के पोषाहार में दीमक और मिट्टी मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है।

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HIGHLIGHTS

  • अलवर जिले के थानागाजी ब्लॉक के बामनवास चौगान आंगनबाड़ी केंद्र में दूषित पोषाहार मिला।
  • 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए आए मुरमुरे के पैकेट में दीमक और मिट्टी भरी हुई थी।
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने एलएचवी और सीडीपीओ को फोटो भेजकर मामले की शिकायत की।
  • केंद्र पर 21 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन सहायिका का पद पिछले दो साल से खाली है।
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अलवर | राजस्थान के अलवर जिले से प्रशासन की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। थानागाजी ब्लॉक के बामनवास चौगान स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

पोषाहार में मिली गंदगी

यहाँ 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए वितरित किए जाने वाले नमकीन मुरमुरे के पैकेट में दीमक और मिट्टी मिली है। पैकेट खोलते ही बदबू और सड़ांध ने सबको हैरान कर दिया।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरस्वती देवी गुप्ता ने बताया कि जैसे ही उन्होंने वितरण के लिए पैकेट खोले, उनके होश उड़ गए। दो पैकेटों के भीतर भारी मात्रा में दीमक और मिट्टी जमी हुई थी।

अधिकारियों को दी गई सूचना

इस घटना की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दी गई है। कार्यकर्ता ने एलएचवी और सीडीपीओ को दूषित पोषाहार के फोटो और वीडियो साक्ष्य के तौर पर भेजे हैं।सरकारी योजनाओं के तहत बच्चों को निःशुल्क पौष्टिक आहार देने का दावा किया जाता है। लेकिन धरातल पर बच्चों को सड़ा हुआ और कीड़े लगा खाना परोसा जा रहा है।

व्यवस्थाओं की खुली पोल

हैरानी की बात यह है कि इस केंद्र पर 21 बच्चों का नामांकन है। लेकिन पिछले 2 साल से यहाँ सहायिका का पद खाली पड़ा है, जिससे काम का बोझ भी बढ़ा है।राजस्थान सरकार समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) के तहत गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए दलिया, खिचड़ी और मुरमुरे जैसे पैकेट भेजती है।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

इतनी बड़ी लापरवाही के बाद अब विभाग की सप्लाई चेन पर सवाल उठ रहे हैं। क्या पैकेटों की पैकिंग और स्टोरेज के दौरान गुणवत्ता की जांच नहीं की जाती?ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बच्चों की सेहत से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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