पंचायत परिसीमन के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल: बीकानेर में पंचायत परिसीमन पर सियासी घमासान: देहात कांग्रेस का कलेक्ट्रेट तक आक्रोश मार्च आज
बीकानेर में पंचायत पुनर्गठन और परिसीमन के विरोध में देहात कांग्रेस आज कलेक्ट्रेट तक आक्रोश मार्च निकालेगी। पार्टी ने सरकार पर भौगोलिक संतुलन बिगाड़ने का आरोप लगाया है।
बीकानेर | राजस्थान में आगामी पंचायत राज चुनावों से पहले बीकानेर जिले में पंचायत पुनर्गठन और परिसीमन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा किए गए नए परिसीमन के खिलाफ कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार को बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन की घोषणा की है। देहात कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के जरिए सरकार के फैसलों को चुनौती दी जाएगी।
बिश्नोई धर्मशाला से कलेक्ट्रेट तक मार्च
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने बताया कि इस आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जिले भर से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता सुबह 11 बजे बिश्नोई धर्मशाला में एकत्रित होंगे। यहाँ से एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला जाएगा जो कलेक्ट्रेट तक पहुंचेगा। कांग्रेस का आरोप है कि नोखा, लूणकरनसर, श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला और पूगल जैसी महत्वपूर्ण पंचायत समितियों में परिसीमन के नाम पर भारी तोड़फोड़ की गई है, जिससे प्रशासनिक ढांचा प्रभावित हुआ है।
भौगोलिक और जनसांख्यिकी संतुलन पर सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार ने राजनीतिक लाभ साधने के लिए पंचायतों की भौगोलिक स्थिति और जनसांख्यिकी संतुलन को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। पार्टी का मानना है कि इस विसंगतिपूर्ण परिसीमन से न केवल प्रशासनिक जटिलताएं बढ़ेंगी, बल्कि आम जनता को भी बुनियादी सुविधाओं और सरकारी कार्यों के लिए लंबी दूरियां तय करनी पड़ेंगी।
प्रदेश नेतृत्व का समर्थन
इस आंदोलन को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। हाल ही में बीकानेर के वरिष्ठ नेताओं ने जयपुर में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। डोटासरा ने इस परिसीमन को जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ धोखा करार दिया है। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर ही कांग्रेस अब सड़कों पर उतरकर सरकार की इस 'मनमर्जी' का पुरजोर विरोध कर रही है।