पाकिस्तान पर आईसीसी का कड़ा एक्शन, हो सकता है बड़ा सस्पेंशन: टी20 वर्ल्ड कप 2026: भारत के खिलाफ खेलने से पाकिस्तान का इनकार, आईसीसी ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को आईसीसी की कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
दुबई | पाकिस्तान सरकार के टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच न खेलने के फैसले ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। इस विवादास्पद निर्णय के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी हरकत में आ गया है और अगले 48 घंटों के भीतर एक हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग बुलाने का फैसला किया है। इस बैठक में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के खिलाफ कड़े कदम उठाने पर चर्चा की जाएगी।
पीसीबी पर मंडरा रहा है प्रतिबंध का खतरा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईसीसी इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। पाकिस्तान के इस कदम से न केवल टूर्नामेंट के रोमांच पर असर पड़ेगा, बल्कि आईसीसी को भारी वित्तीय नुकसान होने की भी संभावना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पीसीबी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बिरादरी से अलग-थलग किया जा सकता है। इसके अलावा, पाकिस्तान को पूरे टी20 वर्ल्ड कप से सस्पेंड करने की संभावना भी बनी हुई है। बहिष्कार के चलते पीसीबी को कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें वित्तीय दंड से लेकर पाकिस्तान सुपर लीग यानी पीएसएल में हिस्सा लेने वाले विदेशी खिलाड़ियों के लिए एनओसी जारी करने पर रोक तक शामिल है।
कप्तान का बयान और सरकारी हस्तक्षेप
हाल ही में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खिलाड़ियों के हाथ में कुछ नहीं है और वे पूरी तरह से सरकार के निर्देशों का पालन करेंगे। पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया था कि उनकी टीम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी, जिससे लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया।
आईसीसी और पीसीबी के बीच बढ़ता तनाव
आईसीसी और पीसीबी के बीच तनाव तब से बढ़ गया है जब गवर्निंग बॉडी ने सुरक्षा चिंताओं के कारण मैचों को भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने के बांग्लादेश के अनुरोध को खारिज कर दिया था। यदि आईसीसी अब सख्त रुख अपनाती है, तो पाकिस्तान को भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों की मेजबानी और वित्तीय अनुदान से हाथ धोना पड़ सकता है। यह पीसीबी के लिए एक बड़ा झटका होगा, जो पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। अब पूरी दुनिया की नजरें आईसीसी की आगामी बैठक पर टिकी हैं।