Jalore Rajasthan: जालोर में बकरी और भैंस चोरी की शिकायत लेकर SP ऑफिस पहुंचे चरवाहे

जालोर (Jalore) में एक चरवाहा रतनाराम देवासी (Ratanaram Devasai) अपनी चोरी हुई बकरी की शिकायत लेकर एसपी शैलेंद्र सिंह (SP Shailendra Singh) के पास पहुंचा। इसी दौरान नारंगी देवी मीणा (Narang Devi Meena) भी अपनी चोरी हुई भैंस को ढूंढने की गुहार लेकर पहुंचीं। दोनों ने पुलिस कार्रवाई न होने पर एसपी से मदद मांगी।

बकरी-भैंस चोरी: SP से मांगी मदद

जालोर: जालोर (Jalore) में एक चरवाहा रतनाराम देवासी (Ratanaram Devasai) अपनी चोरी हुई बकरी की शिकायत लेकर एसपी शैलेंद्र सिंह (SP Shailendra Singh) के पास पहुंचा। इसी दौरान नारंगी देवी मीणा (Narang Devi Meena) भी अपनी चोरी हुई भैंस को ढूंढने की गुहार लेकर पहुंचीं। दोनों ने पुलिस कार्रवाई न होने पर एसपी से मदद मांगी।

बकरी चोरी का मामला: पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

जालोर के सुंदेलाव तालाब के पास रहने वाले रतनाराम देवासी शुक्रवार को एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने एसपी शैलेंद्र सिंह को अपनी आपबीती सुनाई।

रतनाराम ने बताया कि लगभग एक महीने पहले जालोर रेलवे स्टेशन के पास उनकी सफेद रंग की बकरी चोरी हो गई थी। दोपहर में बकरियां चराते समय यह घटना हुई।

उन्होंने आस-पास खूब खोजबीन की, लेकिन बकरी का कोई पता नहीं चला। उन्हें शक हुआ कि कोई उनकी बकरी चुराकर ले गया है।

शाम को रतनाराम ने जालोर कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से बकरी को तलाशने की मांग की थी।

हालांकि, रतनाराम के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। उन्हें किसी तरह का आश्वासन भी नहीं मिला।

रतनाराम ने बताया कि चोरी हुई बकरी की कीमत लगभग 20 हजार रुपए है। गरीब चरवाहों के लिए यह एक बड़ी रकम है।

उन्होंने एसपी से गुहार लगाई कि उनकी बकरी को जल्द से जल्द तलाश कर वापस दिलाया जाए। उनकी बकरी के दो छोटे बच्चे भी अपनी मां से वंचित हैं।

भैंस चोरी और आरोपियों द्वारा कब्जा

शुक्रवार को ही जालोर के पाणिया नाडा गांव निवासी नारंगी देवी मीणा भी एसपी ऑफिस पहुंचीं। उन्होंने अपनी भैंस चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई।

नारंगी देवी ने एसपी को बताया कि 3 सितंबर को उनकी छह भैंसें साफाड़ा रोड पर चर रही थीं। शाम को पांच भैंसें तो घर लौट आईं, लेकिन एक भैंस गायब थी।

कुछ दिनों तक उन्होंने भैंस की खूब खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद 23 सितंबर को उन्होंने कोतवाली थाने में भैंस चोरी की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस से कोई मदद न मिलने पर नारंगी देवी परेशान थीं। लगभग सात दिन पहले उन्हें सूचना मिली कि उनकी भैंस साफाड़ा के तोडबारा गांव स्थित घेवाराम प्रजापत के बेरे पर बंधी है।

वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ घेवाराम के बेरे पर पहुंचीं, तो उनकी भैंस वहीं बंधी हुई थी। उन्होंने घेवाराम से अपनी भैंस वापस मांगी।

घेवाराम ने भैंस लौटाने से साफ इनकार कर दिया। उसकी पत्नी ने नारंगी देवी के साथ गाली-गलौज भी की।

नारंगी देवी ने कोतवाली थाना पुलिस को भैंस मिल जाने और आरोपियों द्वारा उसे न लौटाने की बात बताई। लेकिन पुलिस उनके साथ भैंस दिलाने के लिए जाने को तैयार नहीं हुई।

थक-हार कर नारंगी देवी ने एसपी शैलेंद्र सिंह से शिकायत की और अपनी भैंस वापस दिलाने की मांग की।

एसपी ने दिए जांच के निर्देश, थाना इंचार्ज बोले- जानकारी नहीं

जालोर एसपी शैलेंद्र सिंह ने दोनों मामलों को गंभीरता से लिया। उन्होंने कोतवाली थाने को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।

एसपी ने आश्वासन दिया कि पुलिस इन मामलों में उचित कार्रवाई कर रही है।

वहीं, जब इन दोनों मामलों के संबंध में जालोर कोतवाली थाना इंचार्ज रामेश्वर लाल भाटी से बात की गई, तो उन्होंने जानकारी न होने की बात कही।

थाना इंचार्ज भाटी ने बताया कि वह सोजत में पेशी पर आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे कोई मामले हैं, तो टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी आरोपी के बेरे पर शिकायतकर्ता की भैंस बंधी पाई जाती है, तो पुलिस प्रार्थी के साथ जाकर उसकी भैंस वापस दिलाएगी। बकरी चोरी के मामले की भी जांच की जाएगी।

यह घटनाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चोरी की बढ़ती समस्या और पुलिस की धीमी कार्रवाई को उजागर करती हैं। पीड़ित गरीब चरवाहे न्याय की उम्मीद में उच्च अधिकारियों तक पहुंचने को मजबूर हैं।