कोटा : पुलिस ने पकड़ा गांधी परिवार का करीबी बताने वाला ठग, चुनाव में टिकट के नाम पर की थी 10 लाख की धोखाधड़ी

कोटा की रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जिसने कांग्रेस आलाकमान का करीबी बताकर टिकट दिलाने का झांसा दिया था।

टिकट दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी

कोटा | राजस्थान के कोटा जिले की रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए एक हाई-प्रोफाइल ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का बेहद करीबी बताकर एक स्थानीय नेता से लाखों रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में अंजाम दिया है। कोटा पुलिस की इस बड़ी सफलता से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है क्योंकि आरोपी ने सीधे तौर पर आलाकमान के नाम का इस्तेमाल किया था। पुलिस प्रशासन इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी सतर्कता बरत रहा है।

गांधी परिवार का करीबी बताकर दिया झांसा

आरोपी विजय श्रीवास्तव ने पीड़ित ब्रज मोहन महावर को विश्वास दिलाया था कि उसकी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में बहुत मजबूत पकड़ है। उसने खुद को सोनिया गांधी और राहुल गांधी का खास आदमी बताया। पीड़ित केशवराय पाटन विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने उन्हें टिकट दिलाने का लालच दिया और दिल्ली के कुछ फर्जी पत्रों का भी प्रदर्शन किया। आरोपी की बातों में आकर पीड़ित ने उसे अपना शुभचिंतक मान लिया था और वह उसके बुने हुए जाल में पूरी तरह फंस गए थे।

10 लाख रुपये लेकर हुआ फरार

टिकट की पक्की उम्मीद में ब्रज मोहन महावर ने विजय श्रीवास्तव को अलग-अलग किस्तों में कुल 10 लाख रुपये दे दिए। आरोपी ने कुछ फर्जी दस्तावेजों और बड़े नेताओं के साथ अपने संबंधों का हवाला देकर पीड़ित को भ्रम में रखा। हालांकि जब कांग्रेस की आधिकारिक सूची जारी हुई तो उसमें ब्रज मोहन का नाम नहीं था। इसके बाद जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने पहले तो टालमटोल किया और फिर अचानक अपना फोन बंद कर फरार हो गया। पीड़ित ने काफी समय तक इंतजार किया लेकिन जब कोई संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने पुलिस की शरण ली और विस्तार से पूरी घटना की जानकारी दी।

तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ा गया आरोपी

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने कोटा के रेलवे कॉलोनी थाने में मामला दर्ज कराया। कोटा पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम बनाई गई जिसने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी के कॉल रिकॉर्ड्स और मोबाइल लोकेशन को ट्रैक किया जिससे उसके उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने तुरंत उत्तर प्रदेश के लिए रवानगी की और वहां स्थानीय इनपुट के आधार पर घेराबंदी की। आरोपी विजय श्रीवास्तव पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था लेकिन अंततः पुलिस की सक्रियता के कारण उसे दबोच लिया गया।

पुलिस की आगामी कार्रवाई और जांच

कोटा पुलिस की टीम ने सुल्तानपुर में दबिश देकर विजय श्रीवास्तव को धर दबोचा और उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत कोटा लेकर आई। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस तरह से और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस को अंदेशा है कि यह एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान सक्रिय होकर नेताओं को निशाना बनाता है। पुलिस इस मामले में वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है ताकि ठगी गई राशि बरामद की जा सके और पीड़ित को न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर चुनावी समय में सक्रिय ठगों से सावधान रहने की चेतावनी दी है।