अलका गुर्जर ने दागा सवाल: क्या राहुल गांधी कोटड़ी, सलूंबर, बीकानेर और डूंगरपुर रेप पीड़िताओं के घर भी जाएंगे या सिर्फ वोट मांगने आ रहे हैं

क्या राहुल गांधी कोटड़ी, सलूंबर, बीकानेर और डूंगरपुर रेप पीड़िताओं के घर भी जाएंगे या सिर्फ वोट मांगने आ रहे हैं
Alka Gurjar - Suman Sharma
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अलका गुर्जर ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत से पूंछना चाहती हूं कि उनकी पार्टी के युवराज बांसवाडा आ रहे हैं, क्या वे डूंगरपुर, सलूंबर, कोटडी और बीकानेर के खाजूवाला में दुष्कर्म पीड़िताओं के घर भी जाएंगे। 

जयपुर | राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद सोमवार को उनकी संसद सदस्यता भी बहाल कर दी गई। 

संसद सदस्यता बहाल होने के बाद आज राहुल गांधी संसद भी पहुंचे। ऐसे में कांग्रेस पार्टी में खुशी का ठिकाना नहीं है। 

अब राहुल गांधी 9 अगस्त को राजस्थान के दौर पर ही आ रहे हैं। वे बांसवाड़ा जिले के दौरे पर रहेंगे।

ऐसे में राजस्थान भाजपा गहलोत सरकार के साथ-साथ राहुल गांधी पर आक्रामक हो गई हैं और उनके बांसवाड़ा दौरे को लेकर भी निशाना साधा है। 
सोमवार को प्रदेश में महिला उत्पीडन और दुष्कर्म की निरंतर बढती वीभत्स घटनाओं को लेकर भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। 

इस दौरान अलका गुर्जर ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत से पूंछना चाहती हूं कि उनकी पार्टी के युवराज बांसवाडा आ रहे हैं, क्या वे डूंगरपुर, सलूंबर, कोटडी और बीकानेर के खाजूवाला में दुष्कर्म पीड़िताओं के घर भी जाएंगे। 

गहलोत सरकार की ओर से कोटड़ी पीडिता के परिवार को सिवाय प्रताड़ना के कोई आर्थिक सहायता मुहैया नहीं कराई गई।

भीलवाडा के जिला कलेक्टर कहते हैं कि समाज के सहयोग से हम मृतका के परिजनों को 40 लाख रूपए और संविदा नौकरी दिलाएंगे। जबकि भाजपा की महिला सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मौके पर गया और पीडित परिवार को 11 लाख का चैक सौंपा।

इसके अलावा अभी तक भाजपा द्वारा विभिन्न संगठनों के सहयोग से पीडित परिवार को 30 लाख रूपए से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। 

अलका गुर्जर ने कहा कि भीलवाडा के कोटड़ी में हुए तंदूर कांड में दुष्कर्म पीडिता के परिजनों को पुलिस द्वारा इतना प्रताडित किया गया कि तंग आकर मृतका के अंतिम संस्कार के दौरान उसके पिता और दादा ने चिता पर कूदकर आत्मदाह का प्रयास किया। 

गहलोत सरकार अपराधियों को संबल और पीडितों को प्रताडना देने का काम कर रही है। 

अलका गुर्जर ने कहा कि एक नाबालिग के साथ गैंगरेप कर शव को भट्टी में डाल दिया गया। उसके बाद जब पीडित परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने थाने जाते हैं तो प्रशासन और सरकार इस कदर हैवान बन जाते हैं, कि पुलिस दुष्कर्म पीडिता की मार्कशीट और टीसी मांगती है। 

वहीं प्रदेश के मुखिया अशोक गहलोत इतना गैर जिम्मेदाराना बयान देते हैं कि क्या महिलाओं के लिए हर घर पर पुलिस तैनात की जाए। पुलिस से सुरक्षा की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को नहीं पकडा पीडित परिवार ने खुद आरोपियों का पीछा कर उन्हे पकडा। 

इस घटना के बाद डूंगरपुर में एक बच्ची को रास्ते से किडनैप किया जाता है। जिसमें सर्वसमाज के लोगों ने कार का पीछा कर आरोपियों को पकडकर पुलिस को सौंपा। राज का कर्तव्य सुरक्षा देने का होता है, लेकिन जो राज सुरक्षा ही ना दे पाए उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। 

महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत एनसीआरबी के आंकडों को झूंठलाते हैं। वे कहते हैं कि प्रदेश में महिला अपराध के मामले घटे हैं। 

यदि हम पूर्व के आंकडे देखें तो 2013 में भाजपा सत्ता में आई थी। उस समय भी पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के राज में प्रदेश महिला दुष्कर्म और उत्पीडन के मामलों में नंबर एक पर था। 

लेकिन जब हम पांच साल सत्ता में रहे तो महिला अपराध के मामलों में सुधार आया। 

उस दौरान राजस्थान देशभर में महिला अपराध के मामलों में पांचवे नंबर का प्रदेश था। लेकिन इसके बाद 2018 में कांग्रेस सरकार आने के बाद से इन पौने पांच वर्षों में 2023 तक प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध इतने बढे कि हम फिर से नंबर वन पर आ गए। 

राजस्थान को रेपिस्तान बना दिया

इस दौरान सुमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत रोज प्रदेश को लेकर बयान देते हैं, ट्विट करते हैं, लेकिन शर्म की बात है कि कोटड़ी दुष्कर्म पीडिता को लेकर एक शब्द मुख्यमंत्री ने नहीं कहा। 

मुख्यमंत्री कहते हैं कि राजस्थान को रेगिस्तान प्रदेश कहा जाता था। अब प्रकृति भी रेगिस्तान पर मेहरबान है लेकिन महिला अपराधों की स्थिति इतनी भयावह है कि राजस्थान को रेपिस्तान बना दिया। प्रदेश में दुष्कर्म पीडित युवतियां न्याय की गुहार लगा लगाकर थक चुकी है। 

न्याय की बाट में वे फंदा लगाकर आत्महत्या करती हैं, तो कभी आत्मदाह कर अपना जीवन समाप्त कर लेती हैं। 

सलूम्बर में दुष्कर्म की इतनी वीभत्स घटना होती है और रोज नाबालिगों को शिकार बनाया जा रहा है। सरकार अपना कर्तव्य निभा नहीं पा रही। 
 
सुमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत एक विधायक के बारे में कहते हैं कि हमने उस पर कार्रवाई की है जबकि मंत्री महेश जोशी के बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की, विधायक जौहरी लाल मीणा के बेटे के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। 

दुष्कर्म की घटनाओं पर यदि गहलोत सरकार कुछ कर नहीं सकती तो गैर जिम्मेदाराना बयान देने से बाज आए। 

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