भारत-पाक क्रिकेट संबंधों पर पीसीबी की बड़ी मांग: टी20 वर्ल्ड कप 2026: पीसीबी ने आईसीसी से की भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज शुरू करने की मांग

पीसीबी ने आईसीसी से भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज बहाल करने हेतु बीसीसीआई और भारत सरकार से मध्यस्थता करने की विशेष अपील की है।

नई दिल्ली | टी20 वर्ल्ड कप 2026 और भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। आईसीसी ने रविवार को दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेजा है ताकि आगामी टूर्नामेंटों और दोनों देशों के बीच क्रिकेट के भविष्य पर चर्चा की जा सके। आईसीसी के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा ने लाहौर में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

द्विपक्षीय सीरीज की बहाली पर जोर
इस बैठक के केंद्र में 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत और पाकिस्तान के मुकाबले के साथ-साथ भविष्य की सीरीज भी रहीं। पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने आईसीसी के सामने एक बड़ी मांग रखते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज को फिर से शुरू किया जाना समय की मांग है। नकवी ने आईसीसी से आधिकारिक तौर पर अपील की कि वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और भारत सरकार के साथ मध्यस्थ की भूमिका निभाए। पाकिस्तान चाहता है कि दोनों देशों के बीच नियमित रूप से द्विपक्षीय मैच आयोजित किए जाएं, जो फिलहाल पूरी तरह ठप हैं।

13 साल का लंबा इंतजार
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज साल 2012-13 में खेली गई थी। उस समय पाकिस्तानी टीम ने तीन वनडे और दो टी20 मैचों के लिए भारत का दौरा किया था। इसके बाद से दोनों टीमें केवल आईसीसी इवेंट्स या एशिया कप जैसे बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में ही आमने-सामने आती हैं। सीमा पर बढ़ते तनाव और राजनीतिक मतभेदों के कारण द्विपक्षीय संबंधों पर बर्फ जमी हुई है।

बिगड़ते रिश्तों का खेलों पर असर
पिछले कुछ वर्षों में, विशेष रूप से पहलगाम हमले जैसी घटनाओं के बाद, दोनों देशों के खेल संबंधों में काफी गिरावट आई है। भारत में पाकिस्तानी कलाकारों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध के साथ-साथ क्रिकेट के मैदान पर भी दूरियां बढ़ी हैं। एशिया कप के दौरान भी भारतीय टीम और पीसीबी प्रबंधन के बीच ठंडे रिश्ते देखे गए थे। अब आईसीसी की यह पहल क्या रंग लाएगी, यह बीसीसीआई के रुख और भारत सरकार की अनुमति पर निर्भर करेगा।